प्रयागराज में आईसीओपी के तहत पांच दिवसीय कार्यक्रम, ‘विकसित भारत’ पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

जनपत की खबर , 105

लखनऊ।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा प्रयागराज जिले की मेजा तहसील स्थित पंडित कृपाशंकर तिवारी महाविद्यालय में ‘इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन एंड आउटरीच प्रोग्राम’ (ICOP) के अंतर्गत ‘विकसित भारत – जी राम जी कानून’, ‘सेवा, सुशासन एवं समृद्धि’ तथा ‘गणतंत्र दिवस’ विषयों पर 24 जनवरी से 28 जनवरी 2026 तक पांच दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम के तहत प्रदर्शनी, व्याख्यान, संगोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के चौथे दिन एक विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशिकांत त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार श्री मुनेश्वर मिश्र, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अपर शासकीय अधिवक्ता श्री कृष्णा तिवारी तथा पत्र सूचना कार्यालय एवं केंद्रीय संचार ब्यूरो के निदेशक श्री दिलीप कुमार शुक्ल ने अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि श्री शशिकांत त्रिपाठी ने रेलवे के आधारभूत संरचना विकास एवं सेवाओं में हो रहे नवाचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय रेल देश के यातायात का प्रमुख साधन होने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने बताया कि ‘मेक इन इंडिया’ के तहत वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों का निर्माण देश में ही स्वदेशी तकनीक से किया गया है।
उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत रेलवे द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि ट्रेनों में बायो टॉयलेट की व्यवस्था से स्वच्छता को बढ़ावा मिला है तथा प्लेटफार्मों की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने ‘रेल वन’ ऐप की जानकारी देते हुए कहा कि इसके माध्यम से टिकट बुकिंग, ट्रेन रनिंग स्टेटस, शिकायत दर्ज करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं और जनरल टिकट पर 3 प्रतिशत तक की छूट भी दी जा रही है।
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार श्री मुनेश्वर मिश्र ने ‘विकसित भारत – जी राम जी कानून’ के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि यह कानून पूर्ववर्ती मनरेगा योजना की कमियों को दूर कर वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से ग्रामीणों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी और गांवों के आधारभूत ढांचे के विकास में भी सहायता मिलेगी।
अतिथि वक्ता श्री कृष्णा तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक होना चाहिए। उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में जनभागीदारी को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन, छात्राओं के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, छात्र-छात्राएं एवं स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।

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