सुपरस्टार नागार्जुन ने की घोषणा: पिता एएनआर की 101वीं जयंती पर 'शिवा' होगी री-रिलीज़, लिखा भावुक नोट: "कहानियों को अगली पीढ़ी तक ज़िंदा रखने के उनके सपने को समर्पित"
मनोरंजन Sep 20, 2025 at 04:30 PM , 306राम गोपाल वर्मा के निर्देशन में बनी यह प्रतिष्ठित तेलुगु फिल्म 14 नवंबर को शानदार 4के और डॉल्बी एटमॉस में फिर से बड़े पर्दे पर होगी प्रदर्शित
मुंबई, सितम्बर 2025: एक पिता का सपना, एक बेटे का वादा। सुपरस्टार नागार्जुन ने अपने पिता और भारतीय सिनेमा के महानायक अक्किनेनी नागेश्वर राव की 101वीं जयंती पर अपनी प्रतिष्ठित तेलुगु फिल्म शिवा के भव्य री-रिलीज़ की घोषणा की है।
तेलुगु सिनेमा की भाषा बदल देने वाले और पूरी इंडस्ट्री को स्थापित करने वाले एएनआर को श्रद्धांजलि देते हुए नागार्जुन ने कहा कि राम गोपाल वर्मा के निर्देशन में बनी यह ऐतिहासिक फिर 14 नवंबर को फिर से बड़े पर्दे पर दिखाई जाएगी।
अन्नपूर्णा स्टूडियोज़ द्वारा प्रस्तुत शिवा को भारतीय सिनेमा की सबसे महान फिल्मों में गिना जाता है। 1989 में रिलीज़ हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़े और बेमिसाल प्रशंसा हासिल की।
नागार्जुन ने कहा, "मेरे पिता का हमेशा ही मानना था कि सिनेमा में पीढ़ियों से आगे तक जीवित रहने की ताकत है और शिवा उसी तरह की एक फिल्म थी। इसे 14 नवंबर को 4के डॉल्बी एटमॉस में फिर बड़े पर्दे पर लाना, उनके उस सपने को समर्पित है कि कहानियाँ हमेशा अगली पीढ़ी तक पहुँचती रहें।"
री-रिलीज़ के लिए शिवा के साउंड को पूरी तरह से नए सिरे से तैयार किया गया है। पहली बार इसे मूल मोनो मिक्स से डॉल्बी एटमॉस में बदलने के लिए नवीनतम और अत्याधुनिक एआई इंजीनियरिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
शिवा से अपने निर्देशन की धमाकेदार शुरुआत करने वाले वर्मा ने कहा कि फिल्म का यह नया संस्करण बड़े पर्दे पर इसके तकनीकी आकर्षण को और भी अद्वितीय बना देगा।
उन्होंने कहा, "मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूँ कि लोग इस फिल्म को देखें और एक पूरी तरह से डूब जाने वाला अनुभव महसूस करें।"
अक्किनेनी वेंकट और यर्लागड्डा सुरेन्द्र द्वारा निर्मित इस फिल्म ने छात्रों के शोषण और असामाजिक तत्वों के खिलाफ उनकी लड़ाई को प्रभावशाली ढंग से पेश किया था। महान संगीतकार इलैयाराजा के संगीत से सजी शिवा में अमला और रघुवरन भी नज़र आए थे।
1990 में इस फिल्म को हिंदी में शिवा के नाम से रीमेक किया गया था, जिसमें वही कलाकार दोबारा अपनी भूमिकाओं में नज़र आए। बॉक्स ऑफिस पर अपार सफलता पाने के अलावा, शिवा को 13वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) 1990 में इंडियन पैनोरमा मेनस्ट्रीम सेक्शन में भी प्रदर्शित किया गया और इसने तीन नंदी अवॉर्ड्स जीते: सर्वश्रेष्ठ निर्देशक (वर्मा), निर्देशक की सर्वश्रेष्ठ पहली फिल्म और सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखक (तनिकेला भरानी)।



































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