शिक्षा मंत्रालय ने लिया बड़ा फैसला 5वीं से 8वीं कक्षा के छात्र वार्षिक परीक्षा में असफल होते हैं तो उन्हें फेल कर दिया जाएगा

जनपत की खबर , 364

लखनऊ। शिक्षा मंत्रालय ने स्कूल शिक्षा में सुधार लाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। जिसके अनुसार यदि 5वीं से 8वीं कक्षा के छात्र वार्षिक परीक्षा में असफल होते हैं तो उन्हें फेल कर दिया जाएगा। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है। शिक्षा मंत्रालय ने स्कूली शिक्षा में सुधार के उद्देश्य से नए नियम लागू किए हैं। इसके तहत अब पांचवीं और आठवीं के छात्रों को वार्षिक परीक्षा में असफल होने पर फेल किया जा सकेगा। छात्रों को दो महीने के भीतर एक बार सुधार परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। यदि वे इसमें भी असफल रहते हैं तो उन्हें अगली कक्षा में प्रमोट नहीं किया जाएगा 2010-11 से पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं बंद कर दी गई थी। इस दौरान सभी छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट किया जाता था। हालांकि, इस व्यवस्था के कारण स्कूली शिक्षा का स्तर गिरने लगा और 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम भी प्रभावित हुए। वहीं अब नए नियम के अनुसार असफल हुए छात्र अगली कक्षा में नहीं जा पाएंगे। नई अधिसूचना के अनुसार राज्यों को अब पांचवीं और आठवीं की परीक्षाएं आयोजित करने का अधिकार होगा। यदि छात्र वार्षिक परीक्षा में असफल होते हैं, तो उन्हें सुधार परीक्षा का मौका दिया जाएगा। सुधार परीक्षा में भी असफल होने पर छात्र को उसी कक्षा में रोक लिया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने यह अधिसूचना जारी की है। जिसमें राज्यों को इस व्यवस्था को लागू करने का विकल्प दिया गया है। राज्य चाहें तो नई प्रणाली के तहत परीक्षा आयोजित कर सकते हैं। इस बदलाव का उद्देश्य प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के स्तर को सुधारना है, ताकि छात्रों को अगली कक्षाओं के लिए बेहतर तैयार किया जा सके। इससे बोर्ड परीक्षाओं में प्रदर्शन में सुधार होने की उम्मीद है।

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