समाज और राष्ट्र की तस्वीर बयान करता है साहित्य - राष्ट्रीय पुस्तक मेले में देश के चर्चित साहित्यकारों की रिकार्ड 10 पुस्तकों का विमोचन एवं काव्य गोष्ठी
जनपत की खबर Oct 05, 2024 at 08:14 PM , 207लखनऊ : कल्याणी फाउंडेशन एवं लिटरेरी वारियर ग्रुप की ओर से 21वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले में देश भर के 10 चर्चित साहित्यकारों की पुस्तकों का विमोचन किया गया| इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष प्रो जयंत खोत ने साहित्य, कला और संगीत को समाज और राष्ट्र की तस्वीर बताया| कार्यक्रम संयोजक डॉ मनीष शुक्ल ने कहा कि वर्तमान दौर में साहित्य की नदी से लेखन की अनेकों धारा निकल रही हैं| पुस्तकें हों या सोशल मीडिया हर क्षेत्र में लेखन की धारा को स्वच्छ रखना लेखकों का काम है| इसलिए सृजन संवेदनशील और ज़िम्मेदारी भरा होना चाहिए| काव्य गोष्ठी में मुंबई, पुणे से लेकर लखीमपुर तक के कवियों ने समा बांध दिया|
काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि सूर्य कुमार पांडेय ने कहा कि लेखन स्वांत: सुखाय के लिए किया जाता है| पाठक उसी रचना को पसंद करते हैं जो उसके दिल को छू जाती है| लिटरेरी वारियर ग्रुप की संस्थापिका डॉ रेणु मिश्रा एवं नीलम सक्सेना मौजूदा दौर में अभिव्यक्ति को तकनीकी और कला का संगम बताया| अति विशिष्ट अतिथि हिन्दी संस्थान की प्रधान संपादक डॉ अमिता दुबे, फिल्म लेखक श्रीधर अग्निहोत्री, वरिष्ठ एंकर आलोक राजा, वरिष्ठ साहित्यकार सफलता त्रिपाठी, अभिनेता, निर्देशक चंद्र्भूषण सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार संजीव जयसवाल ’संजय,’पंचानन मिश्रा, डॉ शिल्पी शुक्ला, संजीव तिवारी, रश्मि द्वेवेदी, जरीन अंसारी ने विचार प्रकट किए| इस मौके पर वरिष्ठ साहित्यकार यू बी तिवारी की पुस्तक अंधकार से प्रकाश की ओर समेत परिंदो सा लिबास, मन पाखी, अरुणिमा मेरी कलम से, डॉ किरण दयाल स्नेही के काव्य संकलन आध्या का विमोचन किया गया|































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