दिल का जन्मजात छेद बंद कर मासूम को दी नई जिंदगी, अब संजीवनी से आशुतोष के दिल को मिली नई धड़कन

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भारत में 'दिलवाला' अस्पताल, जहां मुफ्त में होता है दिल का इलाज : डॉ ओसामा नोमानी

 

लखीमपुर-खीरी। देश में इस समय सबसे ज्यादा महंगा इलाज कराना हो गया है। दवाईयों से लेकर अस्पताल के बिल तक सभी कुछ पर महंगाई का असर है लेकिन आज हम आपको एक ऐसे अस्पताल के बारे में बताने जा रहे हैं जहां इलाज कराना पूरी तरह से फ्री है। इस अस्पताल में एक भी कैश काउंटर नहीं है। इतना ही नहीं यहां (श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल) आने वाले मरीजों को और उनके साथ आने वाले परिवार के लोगों को खाना भी फ्री में दिया जाता है ये अस्पताल दिल्ली के एकदम पास बना हुआ है। चलिए आपको बताते हैं इस अस्पताल के बारे में....

यहां बना हुआ है अस्पताल!

ये अस्पताल हरियाणा के पलवल स्थित बघोला में बना हुआ है। इसका नाम श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल है। ये अस्पताल बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस अस्‍पताल में न केवल बीमार बच्‍चों के लिए दवाएं, इलाज, जांच और सर्जरी सभी मुफ्त में उपलब्‍ध कराई जाती हैं बल्कि बीमार बच्‍चे को इलाज के लिए लाने वाले माता-पिताओं और परिजनों के रहने और खाने का इंतजाम भी करता है। यहां किसी भी चीज के लिए पैसे नहीं देने पड़ते यहां सभी सुविधाएं फ्री हैं।


हर जिलों की भांति सीतापुर से पहुचा दो वर्षीय आशुतोष!


उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के छोटे से गांव में रहने वाले रमेश कुमार के घर चौबीस महीने पहले बेटे का जन्म हुआ लेकिन कुछ ही दिन में पता चला कि उनकी बेटे के दिल में छेद है। खेती-किसानी करने वाले रमेश कुमार के पास इतना पैसा नहीं था कि अपने कलेजे के टुकड़े का महंगा इलाज करा पाते। ऐसे में उन्हें मर्सी मेडिकेयर हॉस्पिटल के एमडी डॉ. ओसामा से मुलाकात हुई डॉ नोमानी ने जांच के लिए लखनऊ जाने की उचित सलाह दी डाक्टर्स की टीम ने आशुतोष की जांच कराई तो पाया कि बच्चे के दिल मे छेद है वही मर्सी मेडिकेयर हॉस्पिटल और टेंडर पाम हॉस्पिटल लखनऊ की डाक्टर्स टीम ने बच्चे के इलाज के लिए श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल का पता दिया और वार्तालाप किया तो वह बिना देर किए अपने बेटे आशुतोष को 21 अगस्त 2024 को लेकर आखिर पहुच गए।
दो वर्षीय आशुतोष की मां ने बताया कि जल्द ही बेटे का आपरेशन हुआ और 12 दिन बाद मै अपने आशुतोष को लेकर सकुशल घर आ गई हूं अब मेरा बच्चा पूर्णतया स्वस्थ हैं मैं मर्सी मेडिकेयर हॉस्पिटल समेत सभी डॉक्टर्स टीम को धन्यवाद देती हूं व आजीवन आभारी रहूंगी वही मर्सी मेडिकेयर हॉस्पिटल के एमडी डॉ ओसामा नोमानी ने बताया कि सीतापुर निवासी रमेश की तरह देश के कोने-कोने से रोज यहा अपने कलेजे के टुकड़े के साथ पहुंचते हैं और निःशुल्क इलाज करा कर सकुशल लौट रहे हैं।

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