सुल्तानपुर लूट कान्ड का खुलासा

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लखनऊ।

सुल्तानपुर ज्वैलरी लूट केस में आरोपी मंगेश यादव के पुलिस एनकाउंटर को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच यूपी पुलिस के आला अधिकारियों ने गुरुवार को प्रेस कान्फ्रेंस की. खुद यूपी पुलिस डीजीपी प्रशांत कुमार, एसटीएफ हेड और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे. सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगेश यादव के पुलिस एनकाउंटर को फर्जी करार दिया है. अखिलेश ने तो अपराधी की जाति देखकर उसे मुठभेड़ में मारे जाने की बात तक कह दी. प्रशांत कुमार ने कहा, यूपी में कानून व्यवस्था का माहौल है. प्रदेश की जनता की भलाई के लिए काम हो रहे हैं. तमाम तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं, लेकिन लगातार कार्रवाई कर यूपी पुलिस व्यापारियों और कारोबारियों के बीच सुरक्षा का माहौल पैदा कर रही है. पुलिस का काम अपराध पर नियंत्रण करना होता है. अपराध के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस नीति है. मंगेश यादव लूट में शामिल था और पुलिस जो ऑपरेशन करती है वो न्यायिक और कानून दायरे के भीतर होते हैं. 

अपराधी की जाति देखकर पुलिस मुठभेड़ किए जाने के राजनीतिक आरोपों पर डीजीपी ने सीधे तौर पर कुछ नहीं. उन्होंने कहा, यूपी पुलिस पेशेवर तरीके से कराती है. हमारी पूरी कार्रवाई कानून सम्मत है और हम इसे कोर्ट में साबित भी कर देंगे. इससे पहले भी तमाम मुठभेड़ हुई हैं. अपराधियों के मारे जाने के अलावा यूपी पुलिस के तमाम जवान भी शहीद हुए हैं. एडीजी ला एंड ऑर्डर और एसटीएफ अमिताभ यश ने इससे पहले कहा,  इस घटना में विपिन सिंह मुख्य अभियुक्त के तौर पर शामिल रहा है. दुकान की रेकी 13 और 15 को की गई, जिसको लेकर हमारे पास वीडियो है साक्ष्य है. विपिन सिंह, फुरकान और गुर्जर घटना में शामिल थे. इस घटना में मोटरसाइकिल जौनपुर से चोरी की गई और बाइक चोरी करने की घटना मंगेश यादव ने की थी.

इस लूट कांड में मंगेश और बाकी लोग शामिल थे. इस घटना को कार्य करने के लिए दो समूह में अपराधी पहुंचे थे पुष्पेंद्र और डब्लू और सचिन. ये लोग बोलेरो से पहुंचे थे इन लोगों ने जिस समय में ये घटना किया जो सीधे डकैती में शामिल रहे. दुकान के अंदर फुरकान अनुज ,अरबाज ,मंगेश यादव और अंकित यादव घुसे थे।

इसके अलावा विपिन सिंह, विनय शुक्ला, अरविंद विवेक और दुर्गेश यह लोग दुकान के आसपास घेराबंदी किए हुए थे ताकि कोई समस्या होगी तो यह लोग फायर कर सके पुलिस से बचा सके. ये फायर कर सकते थे, ताकि सबको भगाया जा सके यह सभी चीज सीसीटीवी फुटेज, टेक्निकल विश्लेषण  में किया गया है. जो अपराधी गिरफ्तार हुए उनसे पूछताछ में यह सभी चीज क्लियर हुई है इसमें पुलिस और  एसटीएफ ने मिलकर काम किया और घटना का खुलासा किया गया.

एडीजी जोन लखनऊ एसबी शिरोडकर ने कहा, लूट कांड में दो बार रेकी की गई थ.  जिसमें फुटेज हमारे पास अवेलेबल है 13 तारीख को जो रेकी की गई उसमें फुटेज के आधार पर मौके पर विपिन और सचिन थे इससे पहले वाली रिकी में लोकेशन के आधार पर पता चला इसमें जो दो मोटरसाइकिल थी जिनका इस्तेमाल किया गया घटना में यह दोनों मोटरसाइकिल जौनपुर से चोरी की गई थी उसका भी फुटेज सामने आया उसके आधार पर अभियुक्त की पहचान की गई. इसके बाद वह बोलेरो जिस व्यक्ति की थी, उसे 2 तारीख की मुठभेड़ में सुल्तानपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था. इसका नाम सचिन पुष्पेंद्र डब्लू है.  

इसमें 15 किलो चांदी मोटरसाइकिल 38500 मिला था। जब बदमाश भाग रहे थे तब भी कुछ सामान बरामद किया गया था जो ज्वेलर्स से साझा किया था इसमें एसटीएफ और टेक्निकल साक्ष्य वहां की मदद ली गई हो पूरा सीक्वल मैप किया गया जो बोलेरो की उसकी जानकारी ले गई मास्टरमाइंड है उसने उसने रायबरेली जेल में अपने को सरेंडर किया था इससे पहले सूरत की घटना में अनुज अरबाज फुरकान यह लोग सूरत की घटना में डकैती में शामिल थे और इस मामले में विपिन सिंह ने सरेंडर किया.

पूरी कानूनी कार्रवाई कर हमें 5 दिन का रिमांड इसका मिला था और विपिन सिंह से पूछताछ के बाद जो लोग अरेस्ट हुए, उसमें दुर्गेश महत्वपूर्ण व्यक्ति है. इसके बाद में गिरफ्तारी की गई. विपिन सिंह के पास से 1.2 किलो गोल्ड बरामद हुआ है. बाकी लोगों से भी बरामदगी हुई है. यह देखा गया कि पूरा गिरोह बनाकर घटना को अंजाम दिया गया. पूरी घटना का वीडियो मीडिया के सामने चलाया जा रहा है

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