महिला मेटों व दिव्यांग जन, जाब कार्ड धारकों का मनरेगा में नियोजन बढ़ाया जाए

जनपत की खबर , 261

मनरेगा गाइडलाइन के तहत व्यक्तिगत लाभार्थीपरक कार्य  नियमानुसार कराए जांय

 

 

लखनऊ:11 सितम्बर 2024

 

 उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के  नेतृत्व  व मार्गदर्शन में ग्राम्य विकास विभाग निरंतर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है।  विकासपरक व ग्रामोन्मुखी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए ग्राम्य विकास विभाग सतत् प्रयत्नशील है, और इस दिशा में बहुत ही उल्लेखनीय व उत्कृष्ट कार्य किये गये हैं।  कई योजनाओ के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश , देश में अगले पायदान पर है।योजनाओं के अंतर्गत कराये जा रहे कार्यों में किसी भी प्रकार की और किसी भी स्तर से कोई कोताही न बरती जाये ,इसके  दृष्टिगत

उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में  ग्राम्य विकास विभाग मुख्यालय द्वारा साप्ताहिक समीक्षा की जाती है, जिसमें प्रदेश भर के संबंधित अधिकारी वर्चुअली जुड़ते हैं। यह बैठक आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग की अध्यक्षता में आयोजित की जाती है और ज्वाइंट कमिश्नर, मनरेगा एवं उपायुक्त मनरेगा इसका मुख्यालय से संचालन करते हैं। उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में मनरेगा में  महिला मेटो की सहभागिता पर विशेष जोर दिया जा रहा है यही नहीं अन्य मनरेगा श्रमिकों की भांति दिव्यांग जाब कार्ड धारकों को उनकी सुविधा के दृष्टिगत मनरेगा गाइडलाइंस के अनुसार अधिक से अधिक काम दिये जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।यही नहीं यह भी निर्देश दिए गए हैं कि  मनरेगा में व्यक्तिगत लाभार्थीपरक कार्यों को मनरेगा गाइडलाइंस के मुताबिक  विभिन्न गतिविधियों में कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।

 

 आयुक्त  ग्राम्य विकास विभाग श्री जी एस प्रियदर्शी द्वारा  कई बिंदुओं  पर तेजी से कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने मानव दिवस सृजन, अमृत सरोवरों  की देखभाल  , देयों का ससमय भुगतान, एरिया इंस्पेक्शन, सोशल ऑडिट, प्रतिभा पोर्टल,कृषि संबंधित कार्य, महिला सहभागिता, 100 दिवस रोजगार समेत योजनांतर्गत समस्त बिंदुओं पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश ग्राम्य विकास विभाग के मनरेगा से जुड़े जिला स्तरीय अधिकारियों को दिए हैं। जनपदों को निर्देशित किया गया  है किसी भी दशा में वन वर्क वन एफ0टी0ओ0 का विचलन नहीं होना चाहिए। जिन श्रमिकों द्वारा भी जॉब कार्ड की मांग की जा रही है। उन्हें जॉब कार्ड उपलब्ध कराये जांय। मांग के सापेक्ष उपलब्धता का अन्तर शून्य करने एवं प्रत्येक जॉब कार्ड में पूरे परिवार के सदस्यों का अंकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। 

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