बीएसपी चीफ़ मायावती ने कहा-

जनपत की खबर , 172

लखनऊ।

1 अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट की 7 जजों की बेंच ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण के संबंध में एक महत्वपूर्ण फैसला दिया। इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने एससी और एसटी के उप-वर्गीकरण को मान्यता दी है, जिससे हमारी पार्टी असंतुष्टि व्यक्त करती है। इस संदर्भ में, सुप्रीम कोर्ट के देविंदर सिंह बनाम पंजाब राज्य मामले में दिए गए फैसले के तहत राज्य सरकारें उप-वर्गीकरण के नाम पर आरक्षित वर्गों की नई सूची बना सकेंगी, जिससे नए मुद्दे उत्पन्न होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले के जरिए 2004 में 5 जजों की बेंच द्वारा ईवी चिन्नैयाह बनाम आंध्र प्रदेश राज्य मामले में दिए गए 20 साल पुराने फैसले को पलट दिया है, जिसमें एससी और एसटी के वर्गीकरण की अनुमति नहीं दी गई थी। और साथ ही एससी और एसटी के उप-वर्गीकरण के बारे में भी स्थिति को स्पष्ट किया है…

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