सामान्य परिवार की बेटी सोहिनी ने जिले का गौरव बढ़ाया मिली पीएचडी
अन्य खबरे Jan 21, 2024 at 03:45 PM , 547के. के. शुक्ला
लखीमपुर खीरी।डॉ. सोहिनी देवी ने पीएचडी की उपाधि लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है और वर्तमान में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की समाज विज्ञान विद्या शाखा के अंतर्गत लोक प्रशासन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं| डॉ. सोहिनी देवी की इस उपलब्धि पर श्री कमलेश मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष,
भारतीय जनता पार्टी, अवध क्षेत्र (उ.प्र.) ने उन्हें बधाई दी है। डॉ. सोहिनी, पुत्री श्री राम कृपाल मूल रूप से ग्राम पिपरी अजीज (मैगलगंज) लखीमपुर खीरी की रहने वाली हैं। डॉ. सोहिनी ने अपना शोध कार्य प्रो. नंदलाल भारती, विभाग अध्यक्ष, लोक प्रशासन विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ के निर्देशन में पूरा किया। डॉ. सोहिनी का शोध कार्य आचार्य चाणक्य के महान ग्रंथ अर्थशास्त्र में वर्णित प्रशासनिक विचारों की वर्तमान में प्रासंगिकता पर आधारित है डॉ. सोहिनी ने अपने शोध में यह सिद्ध किया कि आचार्य चाणक्य के प्रशासनिक विचार वर्तमान सुशासन प्रथाओं के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं जितने कि 2000 वर्ष पूर्व थे। 2000 वर्ष पहले लिखे जाने के बावजूद चाणक्य की शिक्षाएं आधुनिक युग में भी प्रासंगिक हैं। ज्ञातव्य हो कि डॉ. सोहिनी ने एमए दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से किया है। डॉ. सोहिनी ने विवाह के उपरांत विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी पति के सहयोग से अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया और लखनऊ विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग के अंतर्गत एमफिल प्रोग्राम में प्रवेश पाने में समर्थ रहीं तथा इसी दौरान यूजीसी नेट परीक्षा जेआरएफ के साथ उत्तीर्ण की। डॉ. सोहिनी की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही प्राथमिक विद्यालय से हुई है। इसके उपरांत इंटर तक की पढ़ाई जिला पंचायत इंटर कॉलेज औरंगाबाद, खीरी से करने के बाद स्नातक आर्य महिला गर्ल्स डिग्री कॉलेज शाहजहांपुर से प्राप्त किया। डॉ. सोहिनी बेहद साधारण परिवार से हैं और अपनी इस सफलता (एमफिल, पीएचडी, नेट-जेआरएफ) का श्रेय अपने ईष्ट प्रभु श्री राम, माता-पिता, गुरुजनों, अपने बड़े भाई श्री राजकिशोर, एवं पति श्री प्रभात तिवारी को देती हैं जिन्होंने समय-समय पर अपना सकारात्मक सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। डॉ. सोहिनी अपने परम आदरणीय गुरुदेव प्रो. मनोज दीक्षित, कुलपति, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर, राजस्थान एवं पूर्व कुलपति डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या को अपना आदर्श मानती हैं।



























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