*राजनीतिक का खेल शिक्षा के साथ नहीं होना चाहिए : राजनाथ सिंह*
जनपत की खबर Jan 16, 2024 at 09:05 PM , 272लखनऊ, स्वावित्तपोषित विद्यालय प्रबंधक एसोसिएशन का आठवां वार्षिक अधिवेशन अटार बिहारी कन्वेंशन सेंटर केजीएमयू परिसर चौक में संपन्न हुआ जिसमें बतौर मुख्य अतिथि भारत सरकार के रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सासद माननीय राजनाथ सिंह, लखनऊ महापौर सुषमा खार्कवाल, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, अवनीश सिंह, पवन सिंह, रामचंद्र प्रधान तथा उमेश द्विवेदी आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत माननीय राजनाथ सिंह एवम अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन किया गया। संगठन की स्मारक का भी विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया, शिक्षा क्षेत्र में विगत 35 40 वर्षों से कार्य कर रहे प्रबंधकों का सम्मान किया गया जिसमें मुख्य रूप से नरदेश्वर ग्रुप आफ कॉलेजेस के संस्थापक प्रोफेसर नरेद्र मणि त्रिपाठी, सेंट जोसेफ ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस की संस्थापक पुष्प लता अग्रवाल, गिरधारी सिंह इंटर, कुमार इंटर कॉलेज के अध्यक्ष विनोद बिहारी, भारत अकेडमी की संस्थापक सरवन सक्सेना प्रबंधकों का रक्षा मंत्री द्वारा दुशाला, स्मृति चिन्ह आदि देकर सम्मान किया गया।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आनंद अध्यक्ष एवम भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने अतिथियों स्वागत करते हुए कहा कि 2014 में चारबाग रविंद्रालय आयोजित कार्यक्रम ने माननीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह जी ने हमारे एसोसिशन के कार्यक्रम में उपस्थित होकर आशीर्वाद दिया। माननीय रक्षामंत्री हमारे एसोसिशन के अभिवावक है जिन्होंने एसोसिशन की हर संभव मदद करने का काम किया है। लखनऊ के स्वर्णिम विकास का काम किया जिसमे एयरपोर्ट टर्मिनल विस्तार, रेलवे स्टेशन का रेलवे स्टेशन का जीर्णोंधार एवं सौंदर्यकरण, विस्तार का काम, आउटर रिंग रोड की सौगात, बाइस फ्लाई ओवर का काम जी अनेक काम करके लखनऊ शहर को गति देने का काम दिया है।
उत्तर प्रदेश बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यायलो को संचालित करने में प्रबंधकों के सामने आ रही कठिनाइयाँ का जिक्र किया तथा संगठन द्वारा विद्यालयों के हित में किये जा रहे कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
माननीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी ने कहा कि दुनिया में केवल भारतीय एक ऐसा देश है जिसने वसुदेव कुटुंबकम पूरा विश्व परिवार माना है यह केवल भारतीय शिक्षा में ही संभव है। भारत की भारत की तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था जो विश्व में देश की आर्थिक दृष्टि से दसवें स्थान से पांचवें पायदान पर है वही आने वाले 2027 तक टॉप 3 देश में अपनी जगह बना लेगा। आजादी के सौ वर्ष आते भारत विकसित देशों की श्रृंखला में खड़ा हो जाएगा। जीवन के मूल्यों के प्रति दुनिया का भारत में आकर्षण पैदा कर रहा है जहां आज देश-विदेश के लोग भारत की ओर आकर्षित होकर यहां की सभ्यता में रंग रहे हैं। राजनीतिक का खेल शिक्षा के साथ नहीं होना चाहिए यह देश की विडंबना है कि राजनीति के शब्द का वास्तविक अर्थ खो दिया है शिक्षा के माध्यम से इसे सार्थक सिद्ध किया जा सकता है। भारत सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन वास्तव में शिक्षा की सारी व्यवस्था को बदल देगा अमीर और गरीब के बीच की खाई को समाप्त कर देगा, नई शिक्षा नौति व्यक्ति के कौशल उसकी कुशलता उसके मानसिक स्तर को दर्शाएगी जो रटने की प्रवृत्ति है इस पर अंकुश लगेगा और लार्ड मैकाले द्वारा प्रदत शिक्षा प्रणाली को समाप्त कर स्वावलंबी बनने के लिए छात्र के हुनर को पहचान कर तकनीकी शिक्षा पर ज्यादा फोकस होगा।
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपने उद्बोधन में कहां कि स्व वित्तीय पोषित विद्यालय प्रबंधन एसोसिएशन शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान दे रहा है सबको शिक्षा मिले, शिक्षा में समानता का अधिकार देकर समाज को शिक्षित करने का काम के रहा है। केंद्र सरकार एवम राज्य सरकार शिक्षा का विस्तार हो इसको लेकर अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहा है। उपमुख्यमंत्री होने के नाते मेरे सामने जो समस्याएं आएंगी उसके निस्तारण के लिए हर संभव मदद शासन द्वारा की जाएगी।
मंच का संचालन कर रहे राहुल सेन सक्सेना ने नगर निगम द्वारा विद्यालयों पर लगाया जाने वाला जलकर को निर्धारित करने की मांग की उन्होंने कहा की भवन के मूल्यांकन का साढ़े बारह प्रतिशत जल कर अनुचित है यह किस फार्मूले पर आधारित है समझ से परे हैं।
इस अवसर पर करियर मेडिकल एवं डेंटल कॉलेज के संस्थापक अजमत खान, नरदेश्वर ग्रुप के दुर्गेश मणि त्रिपाठी, गिरधर सिंह इंटॉर कोरोना इंटर कॉलेज संजीव वर्मा, संगठन के पदाधिकारी अंकित, उपाध्याय कोषाध्यक्ष आलोक पांडे, महामंत्री रितेश श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष प्रमिल चौधरी, सचिव केके दुबे, संरक्षक महादेव प्रसाद यादव, संरक्षक रवि भारद्वाज, सचिव राम शंकर राजपूत, उपाध्यक्ष ललिता रानी, सरिता वर्मा, नीता शाही, समता बफेला आदि लगभग 2000 प्रबंधक एवम् प्रमुख लोक मौजूद थे।































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