*वर्ल्ड क्लास कोर्सेज में निशुल्क प्रशिक्षण पा सकेंगे यूपी के युवा*

जनपत की खबर , 206

*उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने ओरिजनल इक्विपिमेंट्स मैन्यूफेक्चरर्स (ओईएम) को अनुबंधित करने के लिए तैयार की ओईएम पाॅलिसी*

*प्रशिक्षित युवाओं को संस्थाएं ग्लोबल सर्टिफिकेट प्रदान करेंगी*

*युवाओं को देश के साथ-साथ विदेशों में भी रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे*

*ओईएम पाॅलिसी के माध्यम से बड़ी संख्या में प्रशिक्षित इंजीनियर्स तैयार होंगे*


*मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग काॅलेजों तथा राजकीय पाॅलीटेक्निक में अध्ययनरत 10 हजार छात्रों से की जा रही शुरुआत*

*लखनऊ, 11 जनवरी।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार व स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। युवाओं के लिए कौशल विकास मिशन द्वारा ओरिजनल इक्विपमेंट्स मैन्यूफेक्चरर्स (ओईएम) को अनुबंधित करने तथा अपेक्षित मानकों का निर्धारण करने के लिए ओईएम पाॅलिसी तैयार की गई है। ओईएम पाॅलिसी के माध्यम से प्रदेश के आईटी सेक्टर में प्रशिक्षित कर्मियों की कमी को दूर करने के साथ ही बड़ी संख्या में प्रशिक्षित इंजीनियर्स तैयार किए जा सकेंगे।

*विदेशों में भी मिलेंगे रोजगार के अवसर*
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश को एक खरब डाॅलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आईटी-आईटीईएस नीति, 2022 के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के ख्याति प्राप्त प्रतिष्ठित संस्थानों के जरिए प्रदेश के युवाओं को विश्व स्तरीय पाठ्यक्रमों में निशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशिक्षण के पश्चात् प्रशिक्षित युवाओं को संस्थाएं ग्लोबल सर्टिफिकेट भी प्रदान करेंगी, जिससे देश में रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ विदेशों में भी रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। 

*विभिन्न देशों से मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेशन*
कौशल विकास मंत्री ने बताया कि शुरूआत में आईबीएम की सहयोगी संस्था रेड हेट के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग काॅलेजों तथा राजकीय पाॅलीटेक्निक में अध्ययनरत 10,000 छात्रों को यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आईबीएम द्वारा वैश्विक मांग को देखते हुए पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे तथा प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र व छात्राओं को विभिन्न देशों में मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेशन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

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