*नीरज साहित्य अकादमी* का उद्घाटन माननीय उच्च शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार श्री योगेंद्र उपाध्याय के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ

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लखनऊ ।

पद्म भूषण डॉ० गोपाल दास नीरज ट्रस्ट एवं रघुबीर सहाय इंटर कॉलेज (पूर्व केपी कॉलेज), अलीगढ़ के तत्वाधान में आज महाकवि पद्म भूषण डॉ० गोपाल दास नीरज की स्मृति और सम्मान में स्थापित *नीरज साहित्य अकादमी* एवं राम किशोर सक्सेना की धर्मपत्नी की स्मृति में निर्मित *भगवान देवी सक्सेना द्वार* का उद्घाटन माननीय उच्च शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार श्री योगेंद्र उपाध्याय के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ साथ ही माननीय मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय ने माननीय विधायक श्री अनिल पाराशर, माननीय विधायक श्रीमती मुक्ता राजा एवं पूर्व विधायक श्री विवेक बंसल के साथ *महाकवि पद्म भूषण डॉक्टर गोपाल दास नीरज संग्रहालय* का अवलोकन भी किया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री श्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि नीरज जी जैसी शख्सियत की स्मृति में उनके 99 वें जन्मदिवस के सुअवसर पर बना संग्रहालय एक ऐतिहासिक कार्य है। जिस धरती पर नीरज जी जैसा नक्षत्र उत्पन्न हुआ मैं उस पावन भूमि को शत-शत नमन करता हूँ। नीरज जी ने कालजयी रचनाएं लिखीं। दशकों पुराना वह गीत *कारवाँ गुजर गया गुबार देखते रहे* आज भी लोकप्रिय है।  उन्होंने कहा कि मैंने अनेकों बार नीरज जी को सुना, उनका अंदाज निराला था ।श्री उपाध्याय ने नीरज जी के गीत को गाते  हुए कहा कि *शोखियों  में खोला जाए फूलों का  शबाब, उसमें फिर मिलाई जाए थोड़ी सी शराब, फिर जो नशा हो तैयार, वह प्यार है प्यार है*, प्यार की इतनी अच्छी व्याख्या किसी कवि ने आज तक नहीं की। श्री उपाध्याय  ने कहा कि नीरज जी ने सूफी अंदाज में भी बहुत गीत लिखे हैं। आज मुझे नीरज जी के संग्रहालय में नीरज जी के जीवन से जुड़ी वस्तुओं को देखने का अवसर मिला है यह मेरा सौभाग्य है। श्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि नीरज जी जैसी महान शख्सियत के सम्मान में *नीरज पीठ* की   स्थापना होनी चाहिए जिससे कि आने वाली पीढ़ी दिल से नीरज जी को जान सके और उनके ऊपर शोध कार्य कर सके ।उन्होंने विश्वास दिलाया की प्रदेश सरकार की ओर से इस दिशा में वह आवश्यक कदम उठाएंगे।
सभागार में अपने  उदगार व्यक्त करते हुए महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी पूर्णानंद पुरी महाराज ने कहा कि नीरज जी के संग्रहालय बनने से अलीगढ़ साहित्यकारों का तीर्थ धाम बन गया है। सुविख्यात कवि श्री अशोक अंजुम ने नीरज जी के गीत गाते हुए कहा कि नीरज जी जैसा कवि सदियों में कभी पैदा होता है ।
पूर्व विधायक श्री विवेक बंसल ने कहा कि नीरज जी को हमने बचपन से देखा और सुना है नीरज जी के गीतों में जो भाईचारा, सर्व धर्म समभाव और समाज की वेदना थी वह अपने आप में कल्पना से परे है। नीरज जी ने अपने गीतों से फिल्मी दुनिया को भी आबाद किया। अलीगढ़ का यह सौभाग्य है कि वह नीरज जी की कर्म भूमि है।
नीरज जी के सुपुत्र एवं नीरज ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री मिलन प्रभात गुंजन, लाल बहादुर शास्त्री कन्या महाविद्यालय एवं के पी समिति के अध्यक्ष श्री अशोक सक्सेना ,रघुवीर सहाय इंटर कॉलेज के प्रबंधक श्री सुभाष सक्सेना ने अपनी अपनी वाणी से उद्घाटन समारोह में माननीय मंत्री श्री योगेंद्र उपाध्याय एवं अन्य अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि इस विद्यालय के साथ नीरज जी का अटूट रिश्ता रहा है और इसी दिशा में हमारा यह प्रयास है कि इस विद्यालय के साथ नीरज जी की स्मृतियां सदैव जुड़ी रहे जिससे युवा वर्ग उनके व्यक्तित्व से सदैव  प्रेरणा लेता रहे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए ट्रस्ट के महासचिव डॉक्टर राकेश सक्सेना ने कहा  कि नीरज जी की स्मृति में बना संग्रहालय अलीगढ़ का पहला और ऐतिहासिक संग्रहालय है। उन्होंने कहा कि नीरज साहित्य अकादमी के माध्यम से हमारा प्रयास होगा कि प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर कवि और साहित्यकारों को समय-समय पर साहित्यिक गोष्ठियों के माध्यम से आमंत्रित किया जाए तथा नई प्रतिभाओं को उजागर करने के लिए उचित मंच प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय में देश के सुप्रसिद्ध कविगण श्री हरिवंश राय बच्चन जी भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई जी सहित अनेक राष्ट्रीय कवियों और साहित्यकारों के साहित्य को यहां संग्रहीत किया जाएगा। जिससे हम शोध कार्य में सहायक बन सकें।
समारोह में मुख्य अतिथि माननीय मंत्री श्री योगेंद्र उपाध्याय को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका अभिनंदन किया गया। समारोह में माननीय विधायकगण, नीरज ट्रस्ट के पदाधिकारी, कॉलेज के प्रधानाचार्य व पदाधिकारी, केपी समिति के सदस्य तथा अनेक गणमान्य महानुभावों सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी जनमानस की उपस्थिति ने कार्यक्रम को शोभायमान किया।

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