मनरेगा मजदूर मिस्त्री महासंघ भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष की अपना दल एस के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल से फोन पर हुई वार्ता

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लखीमपुर खीरी । मनरेगा मजदूर मिस्त्री महासंघ भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विश्वकर्मा समाज के वरिष्ठ नेता ऋषि संतोष कुमार शर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि दिनांक 3/11/2023 को उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं अपना दल एस के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आशीष पटेल से फोन पर वार्ता हुई थी, उन्हों ने दिनांक 5/11/2023 को लखीमपुर खीरी दौरा में समीक्षा करने के लिए आने की बात कही थी। कहा की आपसे सर्किट हाउस लोक निर्माण विभाग लखीमपुर में मिलकर वार्ता करेंगे। दिनांक 5/11/2023 को लगभग शाम 6 बजे सर्किट हाउस लखीमपुर में कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल से मिलकर भेंट वार्ता की। और मनरेगा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि संतोष कुमार शर्मा ने कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल जी से कहा की गन्ना किसानों, की अहम समस्या है। 80 प्रतिशत गरीब किसान गन्ना मिल मालिकों की कुरीतियों के कारण भुखमरी के कगार पर पहुंच जाते है। श्री शर्मा ने जोर देकर कहा की गन्ना किसानों का गन्ने की बैलगांडी/ट्राली मिल में बिकने पर तुरंग गन्ना मूल्य का आधा भुगतान नगद किसानों को दिया जाए। जिससे गन्ने की छिलाई ढुलाई दे सकें एवं फसलों में खाद पानी लगा सकें। पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल जी को सौंपा गया। उस समय कमलेश मिश्रा क्षेत्रीय अध्यक्ष अवध क्षेत्र भाजपा, सदर विधायक योगेश वर्मा, धौरहरा विधायक विनोद शंकर अवस्थी, नरेंद्र सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि, मिश्रा शर्मा राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी मनरेगा, आराधना शर्मा, साथ में मौजूद थे। श्री शर्मा ने 35 लाख ग्राम पंचायत सदस्यों, 14 करोड़ किसानों,  अति पिछड़े अति दलितों, विश्वकर्माओं की समस्याओं को कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल जी आग्रह किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मध्य उठने की बात कही। ज्ञापन में विभिन्न मांगों जैसे गन्ना किसानों गन्ने की ट्राली/ बैलगांडी गन्ना  मिलों में बिकने  पर गन्ना मूल्य का आधा भुगतान नगद तुरंत किया जाएं। क्योंकि वर्षों   गन्ना किसानों को कुछ गन्ना मिले भुगतान नही देती है। जिससे गन्ना किसानों के ऋण वाले खाते खराब हो जाते है। जब मिल मालिक बैंक खातों में थोड़ा थोड़ा गन्ना  का  भुगतान भेजते है। तो  बैंकों में  पैसा रोक  दिया जाता है।  जिससे 80 प्रतिशत गन्ना किसान भुखमरी के कगार पर पहुंच जाते है। गन्ना किसानों को आधा भुगतान नगद करवा दे जिससे छुलाई ढुलाई दे सकें। एवं खाद पानी लगा सकें।  उत्तर  प्रदेश  में  ग्राम  पंचायतों  में  ग्राम पंचायत  सदस्यों  को  बैठकों  में  नहीं बुला रहे है। ग्राम प्रधान ,ग्राम पंचायत मंत्री फर्जी बैठक दिखाकर अधिकारयों से मिल कर गोल माल कर रहें है। ग्राम पंचायत सदस्यों को बैठकों में बुलाकर, ग्राम पंचायत सदस्यों को फोटो ग्राफरी की जाए।  ग्राम पंचायत सदस्यों को सांसद विधायकों की तरीके से भत्ता दिया जाए। और ग्राम पंचायत सदस्यों के वार्ड  की निधि बनाई जाए, जिससे ग्राम  पंचायत सदस्य अपने वार्ड का विकास कर संके। भारत में एक मात्र मनरेगा मजदूर मिस्त्री मेला ग्राम व ग्राम पंचायत सकेथू तहसील व ब्लॉक लखीमपुर जिला खीरी उत्तर प्रदेश में दिनांक 27 व 28 जनवरी  को  हर  वर्ष लगता  है। भारत के 40 करोड़ मजदूर मिस्त्रियों, भारत के 16 करोड़ वैज्ञानिक विश्वकर्माओं, भारत के 35 लाख ग्राम पंचायत सदस्यों, 14 करोड़ किसानों, सम्मानित  पत्रकार बंधुओ, अधिवक्तो, अति पिछड़े अति दलितों। ऐसी पचास  जातियों जो  भारत में अलग थलग पड़ी है।  उनकी  समस्यायों पर दो दिन  मनरेगा मेले में गहन विचार विमर्श करके जिला अधिकारी खीरी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, मा० प्रधानमंत्री, मा०  लोकसभा एवं  राज्यसभा अध्यक्ष, मा० उच्च  न्यायालय भारत सरकार, सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के  महामहिम  राज्यपाल एवं मा० मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन भेजा जाता है। सरकारें अपने अपने हिसाब से विचार करें देश व प्रदेश में लागू करती है। गन्ना किसानों व मजदूर मिस्त्रियों का  सभी बैंकों का  कर्जा, बिजली बिल, पूरा माफ किया जाए। जिससे गरीब किसान मजदूर मिस्त्री खुशहाल हो सकें।

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