अदभुत कबूतर: दुर्लभ प्रजाति गुलाबी कबूतर
हेडलाइंस Oct 28, 2023 at 07:50 PM , 1809अमरेन्द्र सहाय अमर
दुनिया में जीवों का कई ऐसी दुर्लभ प्रजातियां होती हैं जो शायद ही किसी की नज़रों ने देखी हो. कई तो ऐसी होती है जिनके बारे में खुद एक्सपर्ट्स भी नहीं जानते. लेकिन जब उनका सामना होता है तब पता चलता है कि प्रकृति ने खुद में ऐसे न जाने कितने रहस्य समेट रखे हैं.ऐसे ही एक अनोखे और दुर्लभ जीव का सामना हुआ यूके में. जहां परिंदों की एक नई प्रजाति का पता चला जिससे आम लोग तो अनजान थे. वो है पिंक पिजन यानि गुलाबी कबूतर . जी हां अमूमन सफेद, चितकबरे और ग्रे कलर के दिखने वाले कबूतर अचानक गुलाबी दिखने लगेंगे तो कैसा महसूस होगा? गुलाबी कबूतर दुनिया की दुर्लभ प्रजाति में से एक हैं जो हाल ही में यूनाइटेड किंगडमके बर्नले में देखे गए. केली लुने ने अपने बगीचे में कबूतरों के झुंड में एक गुलाबी कबूतर को देखा जो सिर से पैर तक पूरी तरह गुलाबी था.युनाईटेड किंगडम की केली लुनी बहुत देर तक जिसे अपनी आंखों का भ्रम समझती रही वो सच निकला. घर की खिड़की से वो गार्डेन में खाना चुनते कबूतरों के झुंड को निहार रही थी. तभी उनकी ऩज़रों ने कुछ ऐसा देखा जिस पर उन्हें एकबारगी को यकीन ही नहीं हुआ. बहुत देर तक दिमाग पर जोर डालने के बाद वो इस नतीजे पर पहुंची की शायद किसी ने मज़ाक किया और परिंदे को पेंट कर दिया. मगर ऐसा नहीं था. आंखों का भ्रम सही साबित हुआ उसके गार्डेन में एक गुलाबी कबूतर घूम रहा था. जो उनके लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं था. लिहाज़ा केली ने तुरंत गुलाबी कबूतर को कैमरे में कैद किया और जानकारी के लिए इंटरनेट सर्च किया.
गुलाबी कबूतर दुनिया भर की एक दुर्लभ प्रजाति का कबूतर है. मारीशस में पाए जाना वाला यह एक मात्र मैस्करीन कबूतर है जोअभी विलुप्त नहीं हुआ है.कहा जाता है वर्ष1991 में मात्र10 कबूतर बचे हुए थे. वर्ष1977 से ड्युरेल वन्य जीव संरक्षणट्रस्ट के प्रयासों के चलते इनकी संख्या में काफी वृद्धि देखी गई. वर्ष2023 में जंगल में गुलाबी कबूतरों की संख्या बढ़ कर 400 हो चुकी है .
गुलाबी कबूतर का सर मुलायम, गुलाबी रंग का और पंख गुलाबी भूरे होते हैं. इनकेपैर गुलाबी होते हैं. गुलाबी कबूतर जब पंख उठाता है तो इसके नीचे सफ़ेद रेखाएं होती हैं . गुलाबीगहरे भूरे रंग की होती हैं जो लाल त्वचा की आँखों के छल्ले से घिरी होती हैं. एक वयस्क कबूतर चोंच से पूछ तक लगभग36 से 38सेंटीमीटर यानि 14 से 15 सेंटीमीटर तक होता है. इसका वजन लगभग350 ग्राम तक का होता है. कबूतर की आँखे गुलाबी कबूतर गीला, कम छतरी वाला जंगल पसंद करता है. यह मारीशस द्वीप पर आर्द्र जंगल, वृक्षों के बीच, अपने आवास पर पाया जाता है. गुलाबी कबूतर में एक उड़ान काल होती है जो एक छोटी हूँ हूँ होती है.
ब्रिटेन की सोशल मीडिया पर भी आजकल एक गुलाबी कबूतर बहुत चर्चा में है.. इस गुलाबी कबूतर की तस्वीर बहुत चर्चा में है. हर कोई इसे देखकर अचंभित है. कुछ लोग ब्रिटेन में मिलने वाले कबूतर को रंगा हुआ कबूतर मान रहे हैतो कोई इसे बहुत दुर्लभ मान रहे हैं . लोगों ने इस कबूतर को अपनी छतों पर दाना चुगते हुए देखा है. आम लोगो के साथ ही मैंनचेस्टर पुलिस ने भी इसे देखा है . अधिकारियों ने बताया कि कई लोगों कामानना है. एक एक्स यूजर ने इसकी तस्वीर को साझा करते हुए लिखाक्या कोई जानता है इसका रंग गुलाबी क्यों है ?. समेंथा नामक एक महिला ने कहा कि एक आदमी ने जब कबूतर को कुछ खाने को दिया तो वह दाना चुगने लगा.
इससे पहले न्यूयार्क में एक गुलाबी कबूतर को रेस्क्यू किया गया था. जिसकेऊपर गुलाबी रंग लगाया गया था. जेंडर रिवील पार्टी के लिए उस कबूतर को रंगा गया था. दरअसलकई देशों में पेट में पल रहे बच्चे का लिंग जाना जा सकता है. अगर मादा है तो उसे गुलाबी रंग से रंगा जाता है. अगरनर है तो उसे नीले रंग से रंगा जाता है . इससे जुडी कई अनोखी पार्टिया मनाई जाती हैं. कोई गुब्बरा फोड़ कर हर्ष मनाता है तो कोई कबूतर उड़ा कर इस पल को ख़ास बना देता हैA






























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