लखनऊ पुस्तक मेला बाल संग्रहालय चारबाग : छठा दिन युवाओं को मतलब की राह सुझा रहीं किताबें
अन्य खबरे Mar 30, 2022 at 10:40 PM , 599लखनऊ, 30 मार्च। चारबाग के बाल संग्रहालय परिसर में चल रहे लखनऊ पुस्तक मेले में बड़ी मात्रा में प्रेरक बाल साहित्य है तो माध्यमिक और उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे नवयुवाओं व शोधार्थियों के लिए भी शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य अनेक विषयों की उपयोगी पुस्तकें हैं। मेले के आयोजनों में आज मोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ ही डा.सुधाकर अदीब की पुस्तक दस जीवनियां का लोकार्पण खास रहा।
किसी भी पुस्तक पर कम से कम 10 प्रतिशत छूट देने वाले मेले में वैज्ञानिक तथा तकनीक शब्दावली आयोग नई दिल्ली के स्टॉल पर प्रशासनिक, मानविकी, सामाजिक विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, सूचना विज्ञान, भाषा विज्ञान, आयुर्वेद, वाणिज्य व शरीर रचना विज्ञान शब्द संग्रह व शब्दावली की पुस्तकें उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों व शोधार्थियों का ध्यान खींच रही हैं। जनसंचार और पत्रकारिता विषय की पुस्तकें वाणी और हिन्दी संस्थान के स्टाल पर हैं। रामकृष्ण विवेकानंद वेदांत लिटरेचर के स्टॉल पर स्वामी विवेकानंद पर आधारित भागिनी निवेदिता की मैंने जैसा तुम्हें देखा, सफलता के सिद्धांत, विद्यार्थी जीवन में सफलता, व्यक्तित्व विकास, चरित्र निर्माण कैसे करें, मन उसका विग्रह आदि पुस्तकें नवयुवा जरूर उलट-पुलट के देख रहे हैं।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन स्टाल पर नेताजी एलाइड इन पिक्चर, अमर शहीद भगत सिंह, विवेकानंद की कहानियां, भगत सिंह अमर विद्रोही सहित युवाओं के लिए अन्य प्रेरक पुस्तकें हैं।
राजकमल प्रकाशन समूह के पर पीयूष मिश्रा की कुछ इश्क किया कुछ काम किया, गीत चतुर्वेदी की अलाप में गिरह, साहिर लुधियानिवी की जब धरती नग्में गायेगी, सुशोभित की पवित्र पाप, रवीश कुमार की बोलना ही है सहित अन्य प्रतियोगी पुस्तकों की भी युवाओं के बीच खासी मांग है। बुकलैंड के स्टॉल पर डॉ हुसैन जैदी की द बेस्ट ऑफ टेरर, योर वे टू सक्सेस, शेक्सपियर की स्टोरी, चाणक्य नीति, भक्तियोगी विवेकानंद, पीयूष मिश्रा की मेरे मंच की सरगम, नीलोत्पल मृणाल की यार जादूगर औघड़ व सत्य व्यास की बनारस टाकीज पुस्तकें युवाओं का आकर्षण बनी हुई हैं।
सस्ता साहित्य के स्टॉल पर अखिलेश की विचारों का जनतंत्र, गिरिराज किशोर की यथाप्रस्तावित सहित कई उपन्यास व कहानियों की पुस्तकें नई हैं। प्रकाशन संस्थान के पास राघव शरण शर्मा की जंगे आजादी में मुस्लिम समाज, सुनील गंगोपाघ्याय की स्वर्ग तले इंसान, चेखव व गोर्की की पुस्तकों के अनुवाद भी मौजूद हैं। इसके अलावा विभिन्न पुस्तकों के स्टाल पर नॉवेल, स्टोरी बुक्स 50 से 100 रुपये के मूल्य पर युवाओं का ध्यान खींच रही हैं।
प्रेरक दस जीवनियां
प्रलेक प्रकाशन की ओर से डा.सुधाकर अदीब की पुस्तक दस जीवनियां का लोकार्पण डा.अमिता दुबे, पद्मकांत शर्मा, की उपस्थिति में हुआ। सुधाकर अदीब ने कहा- अनेक महापुरुष और महान स्त्रियां सभ्य समाज में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे है। ऐसे असाधारण व्यक्ति जो स्वयं में ही किसी दुर्लभ विचार सरीखे हो, उन्हें सजोना हर बुद्धिजीवी की अनिवार्य जिम्मेदारी है। मुख्य अतिथि डॉ.अमिता दुबे ने कहा कि पुस्तक के इन दस महान एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्वों में जीवन के संघर्ष सत्य के प्रति निष्ठा सामाजिक सरोकार जीवन की विविध रंग देखने को मिलते हैं। दयानन्द पाण्डेय ने कहा- लेखक ने इतिहास जीवन, समयकाल सबको किसी माला में सुधकर एकमेव कर दिया है
काव्यकृतियों का विमोचन
नवसृजन साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में स्मृतिशेष विप्लव वर्मा की दो काव्य-कृतियों ’आंसू नहीं छिपा“ और “गोधूलि मन में“ का लोकार्पण डॉ.वी.जी.गोस्वामी की अध्यक्षता, देवेश द्विवेदी ’देवेश’ के संयोजन व डॉ. योगेश के संचालन में पूर्व डीजीपी महेशचन्द्र द्विवेदी, प्रो.उषा सिन्हा व डॉ.सुल्तान शाकिर हाशमी ने किया। यहां कवि की सुपत्री आस्था ने लोकार्पित काव्य कृतियों से कुछ रचनाओं का पाठ किया। समारोह में वरिष्ठ एवं नवोदित रचनाकारों ने अपनी उपस्थिति द्वारा समारोह को भव्यता प्रदान की। अतिथियों का स्वागत अम्बर ने किया ता आभार सुषमा विप्लव सौम्या ने व्यक्त किया।
प्रस्तुतियों में छिपे संदेश
यूपी त्रिपाठी के संयोजन में विश्वम महोत्सव के तहत हुए युवाओं के कार्यक्रम में गुरु नानक गर्ल्स डिग्री कॉलेज की छात्राओं ने आतंकवाद, छेड़छाड़, महिलाओं से हिंसा जैसी समस्याओं पर अपनी प्रस्तुतियों के जरिये प्रहार कर जागरूक किया। छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिये संदेश भी दिये और मनोरंजन भी किया। पुस्तक मेले के थीम एक भारत श्रेष्ठ भारत विषय पर रामाधीन गर्ल्स पीजी कॉलेज की छात्राओं ने पोस्टर तैयार कर प्रदर्शित किये। एमिटी यूनिवर्सिटी की तरफ से मानसिक स्वास्थ्य पर एक नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति भी हुई और इसी क्रम में विश्व बाइपोलर दिवस के अवसर पर एमिटी यूनिवर्सिटी की ओर से परिचर्चा भी। द्विध्रुवीय या बाईपोलर मानसिक विकार को लेकर हर साल 30 मार्च को मशहूर पेण्टर विन्सेंट वान गॉग के जन्मदिन पर विश्व द्विध्रुवी दिवस मनाया जाता है। वॉन गॉग को मरणोपरांत द्विध्रुवी विकार होने का पता चला था। मेले में आज विश्व द्विध्रुवीय दिवस पर हुई संगोष्ठी का मकसद का लोगों को खतरनाक ढंग से मूड स्विंग होने आदि से सम्बंधित इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। मेले के निःशुल्क मानसिक चिकित्सा शिविर में दूसरे दिन डिपार्टमेंट ऑफ क्लीनिकल साइकोलॉजी एमिटी यूनिवर्सिटी की ओर से सहायक प्रोफेसर अंशुमा दुबे के संग अतुल, स्नेहा, अदिति, मोनल व विनायक सहित 15 छात्र परामर्शदाताओं ने 78 से भी अधिक जरूरतमंद व्यक्तियों का परीक्षण कर उचित परामर्श दिया गया।
31 मार्च के कार्यक्रम
पूर्वाह्न 11ः00 बजे : स्नेह वेल्फेयर फाउण्डेशन का लोकार्पण समारोह
अपराह्न 1ः00 बजे : युवाओं द्वारा कार्यक्रम
अपराह्न 2ः30 बजे : विश्वम महोत्सव
शाम 4ः00 बजे : बदलाव एक कदम शिक्षा की ओर- कवि सम्मेलन
शाम 6ः00 बजे : डा.सुल्तान शाकिर हाशमी की पुस्तकों पर चर्चा



























Comments