लखनऊ: PGI निदेशक के खिलाफ कर्मचारी महासंघ ने खोला मोर्चा, घेराव कर उठाए गंभीर सवाल; बोले- पद छोड़िए, कराएंगे आरोपों की जांच

राष्ट्रीय , 13

**लखनऊ।** संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में कर्मचारी महासंघ और संस्थान प्रशासन के बीच विवाद गहरा गया है। सोमवार को कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर सुबह 11 बजे सैकड़ों कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमान का घेराव किया। इस दौरान कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन के लिए स्थान निर्धारित करने, प्रशासन से पूर्व अनुमति लेने की व्यवस्था और कर्मचारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर जमकर नाराजगी जताई।
 
महासंघ के पदाधिकारियों ने निदेशक से दो टूक कहा कि कर्मचारी संस्थान में काम करेंगे और अपनी जायज मांगों को उठाने या विरोध दर्ज कराने के लिए उन्हें संस्थान से बाहर जाना पड़े, यह कर्मचारियों की आवाज दबाने जैसा है। महासंघ ने स्पष्ट किया कि इस तरह की व्यवस्था किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
 
### धरना स्थल और अनुमति के प्रस्ताव पर जताई नाराजगी
 
महासंघ के नेताओं ने बताया कि 28 नवंबर को हुई गवर्निंग बॉडी की बैठक में निदेशक की ओर से एक एजेंडा प्रस्तुत किया गया था। इसमें कर्मचारियों के लिए धरना स्थल निर्धारित करने और धरना-प्रदर्शन से पहले प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य करने का प्रस्ताव शामिल था।
 
महासंघ के अध्यक्ष धर्मेश कुमार और महामंत्री सीमा शुक्ला सहित कर्मचारियों ने इस प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि यदि यह प्रस्ताव पारित हो जाता तो कर्मचारियों के उत्पीड़न का नया रास्ता खुल सकता था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कर्मचारियों की जायज समस्याओं का समय से समाधान होता रहे तो उन्हें धरना-प्रदर्शन करने की जरूरत ही क्यों पड़ेगी?
 
महासंघ के अनुसार, इस पर निदेशक ने स्वीकार किया कि उन्हें महसूस हुआ कि यह एजेंडा गलत तरीके से लाया गया था और इस विषय पर कोई बहस नहीं हुई।
 
### दुर्व्यवहार के मुद्दे पर निदेशक ने जताया खेद
 
घेराव के दौरान कर्मचारियों ने निदेशक पर कर्मचारियों के साथ कई बार दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप भी लगाए। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि संस्थान में कर्मचारियों के सम्मान और गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। इस मुद्दे पर निदेशक ने महासंघ के प्रति खेद व्यक्त किया।
 
### VIP कल्चर पर भी उठाए सवाल
 
कर्मचारी महासंघ ने संस्थान में बढ़ते वीआईपी कल्चर पर भी नाराजगी जताई। पदाधिकारियों का कहना था कि इसके कारण कर्मचारियों और अधिकारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे संस्थान की कार्यसंस्कृति और मर्यादा प्रभावित हो रही है।
 
इसके अलावा कर्मचारियों के मानकीकरण सहित कार्मिकों से जुड़े कई लंबित मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। महासंघ ने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
 
### आश्वासन के बाद समाप्त हुआ घेराव
 
कर्मचारी महासंघ ने निदेशक के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए लंबित समस्याओं के समाधान की मांग की। निदेशक की ओर से आश्वासन मिलने के बाद घेराव समाप्त कर दिया गया।
 
### ये पदाधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद
 
घेराव में कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष धर्मेश कुमार, महामंत्री सीमा शुक्ला, उपाध्यक्ष नीलमणि तिवारी, मेडिटेक संगठन के महामंत्री राकेश कुमार निगम, धीरज सिंह, कर्मचारी नेता आरके बाजपेई, अमर सिंह, संगठन मंत्री अंकित पांडे, बृजभूषण यादव, मंजू यादव, अजय चौधरी, कार्यकारिणी सदस्य वसीम रिजवी, वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर अनीता सिंह तथा नर्सिंग एसोसिएशन के महामंत्री विवेक सागर समेत सैकड़ों कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल रहे।

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