वाराणसी जोन में ‘मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0’ का सफल समापन, 10 दिनों में 87 हजार से अधिक महिलाओं को किया गया जागरूक

अन्य खबरे , 21

5598 महिला चौपालों का आयोजन, 907 महिलाओं-बालिकाओं को सम्मान; महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण पर विशेष जोर

वाराणसी, 21 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए संचालित ‘मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0’ का वाराणसी जोन में सफलतापूर्वक समापन हो गया। अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन नवीन अरोरा के निर्देशन में 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक चले इस 10 दिवसीय अभियान के दौरान व्यापक स्तर पर जागरूकता एवं जनसहभागिता के कार्यक्रम आयोजित किए गए।

अभियान के तहत वाराणसी जोन के विभिन्न जनपदों में सार्वजनिक स्थलों पर 5598 महिला चौपालों के माध्यम से 87,641 महिलाओं को महिला सुरक्षा, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। अभियान का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना रहा।

अभियान के पहले दिन पुलिस सहित विभिन्न विभागों की महिला कर्मियों और छात्राओं ने 97 टोलियों में पैदल मार्च निकाला। इस दौरान 3512 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। साथ ही 853 लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया तथा 932 पोस्टर-बैनर और 4670 प्रचार सामग्री वितरित कर जागरूकता संदेश प्रसारित किए गए।

अभियान के दूसरे दिन विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कुल 907 महिलाओं एवं बालिकाओं को सम्मान प्रदान किया गया। तीसरे दिन महिला पुलिसकर्मियों और एनसीसी कैडेट्स ने अभियान में भागीदारी करते हुए यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाई। वहीं, चौथे दिन 18 नारी संरक्षण एवं आश्रय गृहों में 642 महिलाओं और बालिकाओं को आगामी त्योहारों से संबंधित सामग्री एवं खाद्य सामग्री वितरित की गई।

पांचवें दिन 75 स्कूल-कॉलेजों में 14,060 छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए करियर मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया फ्रॉड से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। छठे दिन परिवार परामर्श केंद्रों के माध्यम से 1053 पारिवारिक मामलों का सफल निस्तारण किया गया और 1827 परिजनों को सम्मानित कर आपसी सुलह-समझौते के महत्व पर जोर दिया गया।

शनिवार को आयोजित ‘पिंक समाधान दिवस’ एवं ‘मिशन शक्ति तहसील दिवस’ के 47 आयोजनों में 168 महिलाओं की समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया गया। आठवें दिन नुक्कड़ नाटकों और ‘बढ़ते बच्चों’ पर आधारित लघु फिल्मों के माध्यम से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता फैलाई गई, जिसमें 7157 बच्चों एवं बालिकाओं ने भाग लिया।

नवमी के दिन एसिड अटैक से पीड़ित महिलाओं को विशेष रूप से आमंत्रित कर प्रोत्साहित किया गया। उनके मुकदमों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा के साथ समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रयास किया गया। अंतिम दिन सभी जनपदों में एक-एक मॉडल मिशन शक्ति केंद्र विकसित कर 959 महिलाओं को सुरक्षा, सशक्तीकरण और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

अभियान के दौरान स्टंटबाजी करने वाले 44 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया तथा 4211 वाहनों का चालान और 257 वाहन सीज किए गए। एंटी रोमियो स्क्वॉड ने 37,142 मनचलों एवं परेशान करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके अतिरिक्त परिवार न्यायालयों में लंबित प्रकरणों से संबंधित लंबित मामलों का निस्तारण कराने तथा बाल विवाह, दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता फैलाने पर भी जोर दिया गया।

महिला पुलिसकर्मियों ने अपने-अपने बीट क्षेत्रों में जाकर सरकारी कल्याणकारी योजनाओं एवं हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। पुलिस विभाग के अनुसार, यह अभियान महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ। वाराणसी जोन पुलिस ने महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए ऐसे जागरूकता अभियान आगे भी जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।

Related Articles

Comments

Back to Top