विकसित भारत हमारा केस नंबर 2047, 140 करोड़ देशवासी याची और अधिवक्ता के रूप में युवा शक्ति: सीएम योगी
जनपत की खबर Oct 17, 2026 at 12:48 PM , 16**लखनऊ।** डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के पांचवें दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विकसित भारत के संकल्प को न्याय, तर्क, तथ्य और ईमानदारी से जोड़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि विकसित भारत को एक मुकदमे के रूप में देखा जाए, तो उसका केस नंबर 2047 होगा, उसका विषय विकसित भारत होगा और इस मुकदमे के याची 140 करोड़ भारतवासी होंगे।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के सामने सवाल रखते हुए कहा कि यदि इन 140 करोड़ याचियों की ओर से अधिवक्ता के रूप में आपको दलील पेश करनी हो, तो आपकी तैयारी और जिम्मेदारी क्या होगी? उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केवल दावे करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर दावे के पीछे तथ्य, साक्ष्य, तर्क और एक ईमानदार अधिवक्ता का होना आवश्यक है।
**‘सत्य बोलना, धर्म का आचरण और स्वाध्याय में आलस्य नहीं’**
सीएम योगी ने अपने संबोधन में भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि *'सत्यं वद, धर्मं चर, स्वाध्यायान्मा प्रमदः'* का संदेश प्रत्येक विद्यार्थी, विशेषकर विधि के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका अर्थ है कि सत्य बोलें, धर्म का आचरण करें और अध्ययन में कभी आलस्य न करें।
उन्होंने कहा कि किसी भी अधिवक्ता के लिए इससे बेहतर और संक्षिप्त कार्य-दायित्व नहीं हो सकता। कानून के क्षेत्र में सफलता के लिए ज्ञान, सत्यनिष्ठा, निरंतर अध्ययन और नैतिक मूल्यों का पालन अनिवार्य है।
**हजारों वर्षों पुरानी है भारत की दीक्षांत परंपरा**
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भले ही नए गाउन पहनकर दीक्षांत समारोह में शामिल हुए हों, लेकिन भारत की दीक्षांत परंपरा हजारों वर्ष पुरानी है। हमारे गुरुकुलों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को विदाई के समय दिए जाने वाले उपदेश केवल शिक्षा पूरी करने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्हें जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जाता रहा है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि विधि की शिक्षा प्राप्त करने के बाद उनकी जिम्मेदारी केवल पेशेवर सफलता हासिल करना नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था को मजबूत करना, सत्य के पक्ष में खड़े होना और समाज के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना भी है।
मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट था कि विकसित भारत के निर्माण में युवा अधिवक्ताओं और विधि विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जब देश के युवा तथ्य, साक्ष्य, तर्क और सत्यनिष्ठा के आधार पर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे, तभी न्यायपूर्ण, सशक्त और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ा जा सकेगा।






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