राष्ट्रीय पुस्तक मेले में बिकीं एक करोड़ से ज्यादा की किताबें
जनपत की खबर Oct 11, 2026 at 08:57 PM , 18लखनऊ, 11 अक्टूबर। पुस्तक प्रेमियों, लेखकों और प्रकाशकों को एक मंच पर लाने वाला 23वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला आज अगले वर्ष के लिए विदा ले गया। बलरामपुर गार्डन में पहली अक्टूबर से जारी मेले में किताबों की बिक्री अंतिम एक करोड़ राशि का आंकड़ा पार कर गयी।
ग्यारहवें दिन भी मेले में पुस्तक प्रेमियों का उत्साह चरम पर रहा, जहाँ हजारों की संख्या में पुस्तक प्रेमियों ने किताबों की खरीदारी की और विविध आयोजनों में हिस्सा लिया।
समापन समारोह में संयोजक मनोज सिंह चंदेल, आकर्ष चंदेल ने स्टाल धारकों और मेला सहयोगियों को स्मृतिचिन्ह प्रदान किये। इस वर्ष मेले में प्रभात, वाणी, नवपल्लव, फ्लाईड्रीम्स, राजपाल, राजकमल, सस्ता साहित्य मंडल, ज्ञानपीठ सहित देश के 56 से अधिक प्रमुख प्रकाशकों व वितरकों ने हिस्सा लिया। मनोज सिंह चंदेल ने कहा कि इस बार मेले में पिछले वर्षों की तुलना में अधिक भीड़ उमड़ी। उसमें भी युवाओं की संख्या ज्यादा रही।यह दर्शाता है कि डिजिटल युग में भी किताबों के प्रति लोगों का प्रेम बरकरार है।
स्टालधारक अशोक शुक्ल ने मेले का अच्छा अनुभव बताते हुए कहा कि ये मेला गोमती बुक फेयर के 10 दिन बाद था। बेहतर होता अगर तीन महीने का अंतर होता। बुलंदशहर से दो बार इस मेले में आये पुस्तक प्रेमी रजत विवेक ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को पढ़ने की संस्कृति से जोड़ते हैं।
मुख्य मंच पर सुबह नवसृजन के
सम्मान समारोह के बाद लघुकथा सम्मेलन में पुस्तक प्रेमी श्रोताओं ने छोटी-छोटी कहानियों और फिर कविताओं का लुत्फ उठाया।
मंजूषा परिषद की ओर से सरला शुक्ला स्मृति सम्मान से डा.डीएस शुक्ल को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डा.अमिता दुबे की पुस्तक का विमोचन पद्मश्री विद्याविंदु सिंह, डा.कैलाशदेवी सिंह, डा.मंजू शुक्ला, अपूर्वा अवस्थी की उपस्थिति में हुआ।
शाम को फिर कविताओं के स्वर गूंजे।
दूसरे मंच पर अपराजिता का काव्य समारोह और संस्कृति पर पत्रकारों नवेद शिकोह, रजनीश राज, खुर्रम निजामी, शबाहत हुसैन, शिल्पा और राजवीर की चकल्लस चली।
*राहुल के अभिनय से सजा म्यूजिक एलबम 'तू मेरी धड़कन' लान्च*
लखनऊ। क्रियेटर लाउंज में आज शाम म्यूजिक एलबम 'तू मेरी धड़कन' की लान्चिंग के अवसर पर युवा अभिनेता राहुल की अभिनय प्रतिभा और स्क्रीन प्रेजेंस देखने को मिली। मुंबई में 80-90 के दशक के चर्चित टाप माडल आदिल आबिदी ने एलबम लान्च किया।
इस मौके पर अभिनेता राहुल ने कहा, 'तू मेरी धड़कन' मेरे लिए एक खास प्रोजेक्ट है। इस एलबम के जरिए मुझे कुछ अलग करने और अपनी अभिनय प्रतिभा को नए अंदाज में प्रस्तुत करने का मौका मिला है। पूरी टीम ने जिस लगन और रचनात्मकता के साथ काम किया है, उसका परिणाम दर्शकों को जरूर पसंद आएगा।
गीतकार फरहान हनीफ वारसी के लिखे गीत 'तू जो सामने है तो ये दिल...' को खूबसूरत अंदाज में फिल्माया गया है। इसमें राहुल को केंद्र में रखते हुए सिनेमैटोग्राफर सैयद नदीम जाफर ने आकर्षक दृश्यांकन किया है।
आई कैंडी प्रोडक्शन और क्रिएटिव फिल्म्स स्टूडियो की एआई और मानवीय सृजनात्मकता के अनूठे मेल से तैयार इस पेशकश में निर्माता आदिल आबिदी और तनवीर हुसैन रिजवी, सह-निर्माता गोपाल त्रिवेदी तथा कला पक्ष में परवेज जैदी और वसी काजमी का विशेष योगदान रहा। इसके अलावा एसएन लाल, सुमित चंद्रा और ताहिर हुसैन हाशमी ने भी विभिन्न पक्षों में सहयोग किया।
कार्यक्रम में उपस्थित लेखक चौधरी जिया इमाम, राजवीर रतन और अन्य लोगों ने एलबम की रचनात्मकता और प्रस्तुति की सराहना की।






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