बलरामपुर गार्डन में 23वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला : सातवां दिन किताबों में तलाश रहे युवा सफलता का मंत्र छींटाकशी के बीच साहित्य परिषद का काव्य समारोह और विमोचन

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लखनऊ, 7 अक्टूबर। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। अपनी तैयारी को इतनी धार दो कि किस्मत भी घुटने टेक दे। युवाओं को हर तरह की परीक्षाएं भेदने की तैयारी करने वाली ढेरों किताबें 23वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले में मिल जाएंगी। बलरामपुर गार्डन अशोक मार्ग पर 11 अक्टूबर तक जारी मेले का आज सातवां दिन था।
मेले में आये युवाओं को सिर्फ कहानी, कविता, उपन्यास, बुक मार्क, स्टिकर-पोस्टर ही नहीं, प्रतियोगी परीक्षाएं भेदने वाली किताबें खूब भा रही हैं। उपकार प्रकाशन के स्टाल पर प्रतियोगिता दर्पण पत्रिका के साथ यूपीएससी, स्टेट सिविल सर्विसेज,सीसैट, नेट जेआरएफ सहित विभिन्न प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं की हिन्दी और अंग्रेजी किताबें छूट पर उपलब्ध हैं। एनसीईआरटी पर आधारित अनेक विषयों के आब्जेक्टिव क्वेश्चन बैंक और करेंट अफेयर्स व‌ सामान्य ज्ञान, रीजनिंग की ढेरों किताबें हैं। स्कूली विद्यार्थियों के लिए सिस्टम आप बेसिक अर्थमेटिक जैसी बहुत सी पुस्तकें हैं। प्रभात के स्टाल पर परीक्षा में मेरिट कैसे पाएं, आओ करें यूपीएससी क्रैक, आईआईटी में प्रवेश कैसे, इंग्लिश में पाएं अधिकतम क्लास जैसी बहुत सी किताबें हैं। राजपाल में परीक्षार्थियों के लिए प्रेम मंजूषा, भारत की आवाज और आपका भविष्य आपके हाथ जैसी नयी सोच को दिशा देने वाली किताबें हैं। छात्रोपयोगी प्रेरक सामग्री याशिका, आर्यन बुक, पद्म बुक जैसे अन्य स्टालों पर बहुत हैं। 
कार्यक्रमों में आज मेले के दूसरे क्रियेटर लाउंज मंच पर शाम को डा.उदय प्रताप सिंह अपनी चुनिंदा रचनाओं के साथ थे। उन्होंने प्रशंसकों के सवालों के जवाब भी दिये। बताया- किसी 
सम्मान समारोह मे मिला सम्मान ही महत्वपूर्ण होता है पैसा नही जो भी पैसा मुझे सम्मान मे मिला उसका आधे से ज्यादा लोगों की जरूरत पूरी करनेे में लगा दिया।
यहीं उप्र साहित्य सभा की व्यंग्य सभा का कार्यक्रम छींटाकशी- 2026 पंकज प्रसून के संयोजन में हुआ। यहां संयोजक के साथ ही डा.के कान्त अस्थाना, मुकुल महान, सर्वेश अस्थाना, संजीव जायसवाल संजय, अलंकार रस्तोगी और परवेश जैन ने अपनी चुभने वाली हास्य व्यंग्य रचनाएं पढ़ श्रोताओं को गुदगुदाया।
मुख्य मंच पर आज निर्भय नारायण गुप्त की अध्यक्षता और ममता पंकज के संचालन में शोभा दीक्षित भावना की वाणी वंदना से अखिल भारतीय साहित्य परिषद लखनऊ का काव्य समारोह शुरू हुआ। यहां पायल लक्ष्मी सोनी की पुस्तक 'सिलवटें' का विमोचन हुआ। मुख्य अतिथि नरेंद्र भूषण सहित राजीव वर्मा वत्सल, डा.स्वाति पाण्डेय, रामप्रकाश शुक्ल, मृगांक श्रीवास्तव, डा.प्रवीण श्रीवास्तव, रवि शंकर श्रीवास्तव, तारिका सिंह, कृष्णानंद राय, मनमोहन बाराकोटी, चन्द्रेश दीक्षित, अरविंद रस्तोगी, हरिलाल मिलन, आईके भारद्वाज, अर्श लखनवी, पंकज कृष्ण इत्यादि ने काव्य रस बरसाया।
श्रोताओं में राम बहादुर मिसिर, डा.योगेश गुप्त की उपस्थिति के बीच रचनाएं देश के विभाजन, पर्यावरण, माता-पिता और विषयों के साथ जयंती पर दुर्गा भाभी व अशोक सिंघल पर थीं। वसुंधरा फाउंडेशन की ओर से राकेश श्रीवास्तव के संयोजन में 'गांधी, बोस, भगत, विवेकानंद: हमारे पथ प्रदर्शक' विषयक विचार गोष्ठी में पद्मश्री विद्या विंदु सिंह, अखिलेश श्रीवास्तव चमन, व्यंग्य कवि मुकुल महान, वरिष्ठ सम्पादक इंडियन बैंक के सहायक महाप्रबंधक नवनीत कुमार, व्यंग्यकार पंकज प्रसून, वरिष्ठ पत्रकार सुधीर मिश्रा ने विचार व्यक्त किये। उमेश कुमार सिंह, अवधेश कुमार शुक्ला, आलोक सिन्हा, रमाकांत श्रीवास्तव, रामस्वरूप यादव, ब्रजेश कुमार शुक्ला, हरिहर सिंह, तारिक परवेज, शिव संत सक्सेना, प्रदीप त्रिपाठी, प्रभात कुमार, अल्का वर्मा, गीता सिंह, श्रीमती मीनू श्रीवास्तव, वीके दीक्षित आदि का सक्रिय सहयोग रहा।  वैज्ञानिक व अभिनेता यहां डा.अनिल रस्तोगी अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न एवं सम्मान पत्र भेंट कर ‘वसुंधरा सम्मान’ से विभूषित हुए। साथ ही विभिन्न विद्यालयों मे आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजयी विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया। पदमश्री डा.अनिल रस्तोगी की अध्यक्षता में डा.शिल्पी बख्शी शुक्ला के कहानी संग्रह 'स्पार्क' का विमोचन राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने किया। अपर्णा ने कहा कि संग्रह की कुछ कहानियां मन को छू गयीं। उन्होंने नयी पीढ़ी को अखबार किताबें पढ़कर ज्ञानार्जन की सलाह दी। लेखिका ने अपनी दो कहानियों का पाठ किया। कार्यक्रम में अमिता दुबे, श्रीधर अग्निहोत्री अग्निहोत्री, मनीष शुक्ल आदि की उपस्थिति रही। 
यहीं इंटर के 16 साल के विद्यार्थी कार्त्तिकेय चन्द्र के अंग्रेजी सस्पेंस थ्रिलर कथा संग्रह द लाइट फ्लिकर्ड का विमोचन लेखक महेन्द्र अग्रवाल ने किया। 
शाम को वैदेही वेल्फेयर फाउण्डेशन और सूर्य नारायण फाउण्डेशन के काव्य  समारोह चले। 
नि: शुल्क प्रवेश वाला ये मेला रोज सुबह 11 बजे से रात नौ बजे तक जारी इस मेले में खरीदी गई हर पुस्तक पर कम से कम 10 प्रतिशत की छूट मिल रही है।

*आज के कार्यक्रम/ 8 अक्टूबर*
सुबह 11:00 बजे पुस्तक विमोचन- 
कविता लोक,
अपराह्न 12: 30 बजे काव्यगोष्ठी- नव्यभारती,
अपराह्न 2: 00 बजे पुस्तक विमोचन- डा.करुणा पाण्डे
अपराह्न 3: 00 बजे
पिच फेस्ट 2.0,
शाम 4: 00 बजे मुशायरा- मीर तकी फाउण्डेशन,
शाम 6: 00 पुस्तक चर्चा- गौरव निगम
शाम 7: 30 बजे कवि सम्मेलन- वर्तमान अंकुर

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