**मुख्यमंत्री योगी बोले—सुरक्षा के माहौल में ही विकास और चिंतन संभव, यूपी पुलिस की पहचान अब सम्मान की**

जनपत की खबर , 29

**लखनऊ।** मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस की पहचान आज बदल चुकी है। अब पुलिसकर्मियों को अपनी पहचान छिपाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि पुलिस की पहचान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के भरोसे से बनी है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज में स्वतंत्र चिंतन और विकास तभी संभव है, जब वहां सुरक्षा का माहौल हो।
 
लखनऊ में 87 इंटरसेप्टर वाहनों के फ्लैग ऑफ एवं पुलिस कर्मियों के पदक अलंकरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी पुलिस का मूल मंत्र **“आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प”** है। उन्होंने पुलिस सुधार और कानून-व्यवस्था के संदर्भ में नेतृत्व की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता किसी भी लीडर का महत्वपूर्ण गुण है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में प्रदेश के तराई क्षेत्र में आतंकवाद के कारण भय और दहशत का माहौल था। सूर्यास्त के बाद आवागमन तक बंद हो जाता था। उन्होंने कहा कि तत्कालीन पुलिस नेतृत्व द्वारा कठिन परिस्थितियों में लिए गए निर्णयों का परिणाम रहा कि आज उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र सुरक्षित माना जाता है।
 
उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी प्रकाश सिंह ने उत्तर प्रदेश के साथ असम, नागालैंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में सेवा करते हुए अपने अनुभवों को पुस्तक में संजोया है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्रकाश सिंह की पुस्तक का विमोचन भी किया और उनके योगदान का उल्लेख किया।
 
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि **“शॉर्टकट” का रास्ता कभी प्रगति का कारण नहीं बनता, बल्कि व्यक्ति और व्यवस्था की दुर्गति का कारण बन सकता है।** उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सामने भी एक समय पहचान का संकट था और कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस के सामने बड़ी चुनौतियां थीं।
 
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय माफिया के सामने पुलिस के कमजोर पड़ने और समानांतर व्यवस्था जैसी स्थितियों के आरोप लगते रहे। उन्होंने पुलिस सुधार के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जाने का भी दावा किया।
 
उन्होंने पुलिस प्रशिक्षण की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय प्रदेश में सालाना करीब छह हजार पुलिसकर्मियों को ही प्रशिक्षण मिल पाता था। मुख्यमंत्री ने पीएसी की वाहिनियों और दंगों की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लंबे समय तक कर्फ्यू और दंगों की स्थितियां देखने को मिलती थीं।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि **मजबूत कानून-व्यवस्था केवल पुलिस की कार्यक्षमता से नहीं, बल्कि स्पष्ट निर्णय लेने वाले नेतृत्व, बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधनों और जवाबदेही से सुनिश्चित होती है।**

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