**दिल्ली के सत्य निकेतन में बड़ा हादसा: भरभराकर गिरी छात्राओं की नहीं, छात्रों के PG वाली इमारत, मलबे में कई लोग दबे**
जनपत की खबर Sep 06, 2026 at 03:35 PM , 12**रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, NDRF और फायर टीमों ने संभाला मोर्चा; मलबे से कई लोगों को निकाला गया**
**नई दिल्ली।** राजधानी दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम इलाके में स्थित **सत्य निकेतन** में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब छात्रों के लिए संचालित एक बहुमंजिला PG इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई। मौके पर दिल्ली पुलिस, फायर सर्विस, NDRF और अन्य राहत-बचाव एजेंसियों ने मोर्चा संभाल लिया।
### **DU के छात्रों के रहने की बात, मलबे में फंसे लोगों ने किए फोन**
सत्य निकेतन इलाका दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के नजदीक होने के कारण छात्रों के PG और हॉस्टल के लिए जाना जाता है। हादसे वाली इमारत में भी PG के तौर पर छात्रों के रहने की जानकारी सामने आई है। एक स्थानीय विधायक के मुताबिक, मलबे में फंसे कुछ छात्रों ने फोन के जरिए मदद की सूचना दी थी। हालांकि, उस समय मलबे में फंसे लोगों की सटीक संख्या स्पष्ट नहीं हो सकी थी।
### **युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन**
इमारत के मलबे को बेहद सावधानी से हटाया जा रहा है, क्योंकि अंदर लोगों के जिंदा फंसे होने की आशंका है। राहतकर्मियों के साथ स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में जुटे दिखाई दिए। शुरुआती अभियान में कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
### **बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत का काम**
दिल्ली पुलिस के अनुसार, ढही इमारत में एक बेसमेंट और ऊपर की कई मंजिलें थीं तथा इसका इस्तेमाल PG के रूप में किया जा रहा था। हादसे के वक्त बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
### **मौतों का आंकड़ा बढ़ा, जांच के आदेश**
हादसे में कई लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और विभिन्न चरणों में मृतकों की संख्या बढ़ती रही। दिल्ली सरकार ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। इमारत के मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की गई है। बचाव अभियान पूरा होने के बाद हादसे की वास्तविक वजह और सुरक्षा मानकों में हुई कथित लापरवाही की विस्तृत जांच की जाएगी।
**फिलहाल प्रशासन और बचाव एजेंसियों की प्राथमिकता मलबे में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है।**






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