**महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के पंचम स्थापना दिवस समारोह में पहुंचे सीएम योगी**

जनपत की खबर , 16

 **बोले मुख्यमंत्री—युवाओं के लिए अवसरों की कमी नहीं, नौकरी तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनें युवा**
 
 **यूथ-यूनिवर्सिटी-इंडस्ट्री के मजबूत जुड़ाव पर जोर, पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक और शोध से जोड़ने का आह्वान**
 
**गोरखपुर, 28 अगस्त।** महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के **पंचम स्थापना दिवस समारोह** में शुक्रवार को मुख्यमंत्री एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति **योगी आदित्यनाथ** शामिल हुए। विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा, कौशल, रोजगार, उद्यमिता और अनुसंधान के बदलते अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज युवाओं के सामने आगे बढ़ने के अवसर केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं हैं। **शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता, स्टार्टअप, एमएसएमई, इंडस्ट्री, डिजिटल इकोनॉमी तथा रिसर्च एंड इनोवेशन** जैसे अनेक क्षेत्र युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि **जॉब क्रिएटर** बनने की दिशा में आगे बढ़ें।
 
 **यूथ, यूनिवर्सिटी और इंडस्ट्री के बीच मजबूत हो तालमेल**
 
सीएम योगी ने कहा कि युवाओं, विश्वविद्यालयों, उद्योगों और उद्यमों के बीच मजबूत समन्वय से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है। विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्हें **शोध और नवाचार के ऐसे केंद्र** के रूप में विकसित होना चाहिए, जहां तैयार होने वाला ज्ञान और तकनीक समाज एवं उद्योग के लिए उपयोगी साबित हो।
 
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवाओं को आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। प्रदेश में प्रतिभा और संभावनाओं की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें सही दिशा और अवसर देने की है।
 
 **पारंपरिक चिकित्सा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर**
 
मुख्यमंत्री ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक शोध से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि **आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी** जैसी परंपरागत चिकित्सा विधाओं को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए क्लिनिकल रिसर्च, प्रयोगशाला और आधुनिक तकनीक से उनका बेहतर समन्वय जरूरी है।
 
उन्होंने विश्वविद्यालयों से आह्वान किया कि भारतीय पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर नए शोध और रोजगार के अवसर पैदा किए जाएं।
 
 **गोरखपुर को नॉलेज सिटी बनाने का लक्ष्य**
 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर को केवल धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान तक सीमित न रखते हुए इसे **शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और नवाचार के बड़े क्षेत्रीय नॉलेज एवं इकोनॉमिक हब** के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बताई।
 
विश्वविद्यालय की स्थापना के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर उन्होंने इसकी अब तक की यात्रा और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय का लोकार्पण **28 अगस्त 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद** ने किया था। पांच वर्षों में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, चिकित्सा और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।
 
**शिक्षा को समाज और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का संदेश**
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल और संस्कार के माध्यम से ऐसे युवाओं का निर्माण करना है जो समाज और राष्ट्र के विकास में प्रभावी योगदान दे सकें।
 
उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा को पहचानने, नई तकनीक सीखने, शोध एवं नवाचार को अपनाने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
 
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के पांचवें स्थापना दिवस समारोह ने **शिक्षा, रोजगार, तकनीक, पारंपरिक ज्ञान और नवाचार को एक साथ जोड़कर युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने** की दिशा में विश्वविद्यालय की भूमिका को रेखांकित किया।

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