पैलेट गन मामले में FIR की मांग को लेकर राहुल गांधी का धरना, साहिल और परिवार के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे
जनपत की खबर Aug 21, 2026 at 01:47 PM , 10 **नई दिल्ली, 21 अगस्त।** जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल से घायल हुए छात्र साहिल लोचब के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। उनके साथ घायल छात्र साहिल, उसके परिवार के सदस्य और कांग्रेस के अन्य नेता भी मौजूद रहे।
राहुल गांधी पहले संसद मार्ग स्थित पुलिस उपायुक्त (DCP) कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में FIR दर्ज करने की मांग की। पुलिस की ओर से तत्काल प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने के बाद राहुल गांधी DCP कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि घायल छात्र की शिकायत पर कार्रवाई होनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
### साहिल और परिवार के साथ थाने के बाहर बैठे
राहुल गांधी के धरने के दौरान पैलेट गन से घायल साहिल लोचब और उसके परिवार के सदस्य भी उनके साथ मौजूद रहे। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल से साहिल गंभीर रूप से घायल हुआ और उसकी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं की जा रही थी।
राहुल गांधी ने पुलिस अधिकारियों से मामले के जांच अधिकारी की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग भी की। उन्होंने इस घटना को लेकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग की।
### कई घंटे चला धरना, बाद में दर्ज हुई FIR
राहुल गांधी के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने साहिल लोचब की शिकायत पर आखिरकार FIR दर्ज कर ली। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्राथमिकी अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है। FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान संसद मार्ग थाने के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ भी जुटी रही। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष की ओर से राहुल गांधी के धरने की आलोचना की गई, जबकि कांग्रेस ने इसे घायल छात्र को न्याय दिलाने की लड़ाई बताया है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल का मामला अब FIR दर्ज होने के बाद जांच के अगले चरण में पहुंच गया है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि पैलेट गन का इस्तेमाल किस परिस्थिति में हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन था।































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