डीबीटी से 7.83 लाख विद्यार्थियों के अभिभावकों को मिली शैक्षिक सामग्री की सहायता
जनपत की खबर Aug 20, 2026 at 08:50 PM , 15**यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी के लिए सीधे खातों में भेजी गई धनराशि**
**लखनऊ।** बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक परिस्थितियां बाधा न बनें और प्रत्येक विद्यार्थी को विद्यालय में समान एवं सम्मानजनक अवसर मिले, इसके लिए योगी सरकार ने शैक्षिक सामग्री के लिए दी जाने वाली सहायता को डीबीटी के माध्यम से सीधे अभिभावकों के बैंक खातों तक पहुंचाने की व्यवस्था की है। बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को यह सहायता दी जा रही है।
इस धनराशि का उपयोग निर्धारित यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी खरीदने के लिए किया जाना है। सरकार का कहना है कि इससे बच्चों को शैक्षिक सत्र की शुरुआत से ही पढ़ाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
### करीब 1.10 करोड़ विद्यार्थियों से हुई शुरुआत
योजना के तहत अभियान की शुरुआत 8 जुलाई 2026 को वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी। इस दौरान करीब 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि अंतरित की गई थी।
### दूसरे चरण में 7.83 लाख विद्यार्थियों को लाभ
योजना की प्रगति के क्रम में दूसरे चरण में 7.83 लाख विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में निर्धारित धनराशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है। इससे पात्र विद्यार्थियों के लिए आवश्यक शैक्षिक सामग्री की समय से व्यवस्था सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
### पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को गरिमापूर्ण और समान विद्यालयी अनुभव प्रदान करना है। यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, बैग और स्टेशनरी उपलब्ध होने से विद्यार्थियों के आत्मविश्वास के साथ-साथ नियमित उपस्थिति और सीखने के अनुकूल वातावरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
डीबीटी के जरिए सहायता सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में पहुंचने से योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत हुई है। विभाग द्वारा योजना की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि पात्र विद्यार्थियों के अभिभावकों को समय से लाभ मिल सके और धनराशि का उपयोग विद्यार्थियों के हित में हो।
**कोट:** “योगी सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर बच्चे को समान अवसर और गरिमापूर्ण विद्यालयी अनुभव उपलब्ध कराना है। डीबीटी के माध्यम से सहायता सीधे अभिभावकों के खातों में पहुंचने से व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत हुई है। इससे बच्चों को शैक्षिक सत्र की शुरुआत से ही आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।”































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