*दूरसंचार विभाग की बड़ी कार्रवाई: 449 फर्जी सिम विक्रेता (PoS) ब्लैकलिस्ट; फर्जी सिम और IMEI छेड़छाड़ पर अब 3 साल की जेल*

जनपत की खबर , 15

मोबाइल सिम और हैंडसेट (IMEI) से जुड़ी धोखाधड़ी तथा बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) के उत्तर प्रदेश (पूर्व) लाइसेंस सेवा क्षेत्र (LSA) ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। आज लखनऊ में आयोजित एक प्रेस वार्ता में विभाग ने 'दूरसंचार अधिनियम 2023' के सख्त कानूनी प्रावधानों और फर्जी सिम विक्रेताओं के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई का ब्यौरा साझा किया।

इस कार्रवाई के संदर्भ में, अपर महानिदेशक (दूरसंचार), उत्तर प्रदेश (पूर्व) एलएसए ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा: "नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षित रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नए दूरसंचार अधिनियम 2023 के कड़े प्रावधानों के तहत, जाली दस्तावेजों से सिम बेचने वाले फर्जी विक्रेताओं और मोबाइल IMEI से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक नीति अपनाते हुए 3 साल की जेल और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।"

इस संबंध में विभाग द्वारा संदिग्ध गतिविधियों वाले सिम विक्रेताओं (Point of Sales - PoS) की सघन जांच की गई। इस दौरान कुल 693 संदिग्ध विक्रेताओं की पहचान हुई, जिनमें से पुख्ता सबूतों के आधार पर 449 फर्जी विक्रेताओं को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।

विभाग ने बताया कि धोखाधड़ी करने वाले मुख्य रूप से तीन तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं: लोगों को पैसे का लालच देकर उनकी आईडी पर सिम चालू करना, असली ग्राहकों को धोखे में रखकर उनकी आईडी पर अतिरिक्त सिम जारी करना, और सिम हेतु जाली दस्तावेजों का उपयोग करना।

दूरसंचार अधिनियम 2023 की धारा 42(3)(c) एवं  42(3)(f) अनधिकृत रूप से मोबाइल के IMEI को बदलना एवं  अप्राधिकृत IMEI  वाले मोबाइल हैंडसेट का प्रयोग करना एक संज्ञेय और गंभीर अपराध है। दूरसंचार अधिनियम 2023 की धारा 29(a) एवं 42(3)(e) के तहत, छल-कपट से सिम प्राप्त करना, जाली दस्तावेज देना, किसी अन्य व्यक्ति का प्रतिरूपण (Impersonation) करना भी एक संज्ञेय और गंभीर अपराध है। दोषी पाए जाने पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या तीन साल तक की कैद, अथवा दोनों सजाएं एक साथ दी जा सकती हैं।

दूरसंचार विभाग ने नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की: 
- नियमानुसार एक व्यक्ति सभी कंपनियों को मिलाकर अधिकतम 9 सिम कार्ड ही ले सकता है।
- सिम खरीदते समय यदि विक्रेता बार-बार आपके अंगूठे का निशान -b Impression) या OTP मांगे, तो सावधान हो जाएं। 
- किसी अन्य व्यक्ति के उपयोग के लिए अपनी आईडी पर सिम न खरीदें।
- अपने नाम पर जारी सभी सिम कार्ड्स की जांच के लिए तुरंत 'संचार साथी' (https://sancharsaathi.gov.in) पोर्टल या ऐप का उपयोग करें। कोई भी अज्ञात सिम दिखने पर वहीं से रिपोर्ट कर उसे बंद करवाएं।
- नया या पुराना मोबाइल खरीदते समय *#06#** डायल कर IMEI नंबर की जांच अवश्य करें। मोबाइल खो जाने पर संचार साथी पोर्टल पर उसे तुरंत ब्लॉक करें।
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