*एनएसडी के 25वें भारत रंग महोत्सव का प्रयागराज अध्याय सफलतापूर्वक संपन्न*
अन्य खबरे Feb 15, 2026 at 06:31 PM , 133*– उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के सहयोग से आयोजित महोत्सव में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध*
प्रयागराज, 16 फरवरी 2026:
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) और संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित विश्व के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय नाट्य महोत्सव — भारत रंग महोत्सव (बीआरएम) 2026 — का प्रयागराज अध्याय 15 फरवरी को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह पांच दिवसीय आयोजन 11 से 15 फरवरी तक उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय और अंतरराष्ट्रीय रंगमंच की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने दर्शकों को विविध सांस्कृतिक अनुभव प्रदान किया।
उद्घाटन समारोह में एनसीजेडसीसी के निदेशक श्री सुदेश शर्मा, उप निदेशक (कार्यक्रम) डॉ. मुकेश उपाध्याय तथा बीआरएम प्रयागराज अध्याय के तकनीकी समन्वयक श्री प्रशासन एस. मालतियार उपस्थित रहे। इस वर्ष महोत्सव का विषय ‘संवाद संस्कृतियों का’ रहा, जो विभिन्न भाषाओं और सांस्कृतिक परंपराओं के बीच रचनात्मक संवाद को दर्शाता है।
महोत्सव का उद्घाटन हिंदी नाटक ‘दीक्षा’ से हुआ, जिसे प्रसिद्ध साहित्यकार नरेंद्र कोहली ने लिखा था और दिवंगत रंगकर्मी आलोक चटर्जी ने निर्देशित किया था। दर्पण, गोरखपुर द्वारा प्रस्तुत इस नाटक के माध्यम से आलोक चटर्जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।
अपने संदेश में एनएसडी के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी ने कहा, “तीनों नदियों के संगम के लिए प्रसिद्ध पवित्र नगरी प्रयागराज सदैव कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है। भारत रंग महोत्सव 2026 का उद्देश्य संस्कृतियों का ऐसा संगम बनाना है, जहाँ रंगमंच भाषा, क्षेत्र और शैली की सीमाओं से परे जाकर लोगों को जोड़ता है। हमें प्रसन्नता है कि प्रयागराज के दर्शकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर इस आयोजन को सफल बनाया।”
पांच दिवसीय महोत्सव में ‘विंसेंटेर मृत्यु’ (बांग्ला), ‘कथा’ (हिंदी), ‘फेसेस ऑफ ओलोंखो’ (रूसी) और समापन प्रस्तुति ‘जोगिया राग’ (हिंदी) जैसे विविध नाटकों का मंचन हुआ। इन प्रस्तुतियों ने भारतीय और वैश्विक रंगमंच की समृद्ध परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन किया।
भारत रंग महोत्सव 2026 का यह 25वां संस्करण 27 जनवरी से 20 फरवरी तक देश के विभिन्न शहरों में आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान कुल 277 प्रस्तुतियाँ 228 भारतीय और अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में प्रस्तुत की जा रही हैं, जिनमें 9 देशों की टीमें तथा भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कलाकार भाग ले रहे हैं।
यह महोत्सव न केवल भारत की विविध नाट्य परंपराओं का उत्सव है, बल्कि बच्चों, जनजातीय कलाकारों और हाशिए पर रहने वाले समुदायों की भागीदारी के माध्यम से समावेशिता और सांस्कृतिक लोकतंत्रीकरण की भावना को भी सशक्त करता है।
इस वर्ष एनएसडी ने दो नई पहलें भी शुरू की हैं — ‘रंग आकाश’, रंगमंच को समर्पित एक इंटरनेट रेडियो मंच, तथा ‘नाट्यम’, एक ओटीटी प्लेटफॉर्म, जिसके माध्यम से एनएसडी की उल्लेखनीय प्रस्तुतियाँ देशभर के दर्शकों तक पहुंचाई जाएंगी।

































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