*उत्तर प्रदेश के बारा फी प्लाज़ा पर राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ता के साथ दुर्व्यवहार के मामले में एनएचएआई ने यूज़र शुल्क संग्रहण अनुबंध समाप्त किया*

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*एजेंसी को एक वर्ष के लिए भविष्य की निविदाओं से वंचित करने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी, ₹5.3 करोड़ की बैंक गारंटी/परफॉर्मेंस सिक्योरिटी जब्त*

नई दिल्ली, 16 जनवरी 2026: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 14 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश में एनएच-731 के लखनऊ–सुल्तानपुर खंड पर स्थित बारा फी प्लाज़ा पर एक राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ता के साथ कथित मारपीट की घटना के संबंध में यूज़र शुल्क संग्रहण एजेंसी एम/एस स्काईलार्क इन्फ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध समाप्त कर दिया है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसमें घटना के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है तथा कदाचार के लिए एजेंसी को एक वर्ष की अवधि के लिए एनएचएआई की किसी भी निविदा अथवा अनुबंध में भाग लेने से वंचित (डिबार) करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके साथ ही बारा फी प्लाज़ा के मौजूदा अनुबंध के तहत जमा की गई ₹5.3 करोड़ की बैंक गारंटी/परफॉर्मेंस सिक्योरिटी को जब्त एवं भुनाने (एन्कैशमेंट) का भी प्रस्ताव है।

यह घटना अनुबंध समझौते का गंभीर उल्लंघन है, जिसमें यह स्पष्ट रूप से निर्धारित है कि ठेकेदार द्वारा तैनात कर्मी आम जनता के साथ किसी भी प्रकार का कदाचार या दुर्व्यवहार नहीं करेंगे तथा अपने आचरण में पूर्ण अनुशासन और शालीनता बनाए रखेंगे। यह घटना एजेंसी द्वारा अनुशासन, उचित पर्यवेक्षण और अनुबंधीय दायित्वों के पालन में गंभीर विफलता को दर्शाती है।

एनएचएआई सभी राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित एवं संरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है और टोल प्लाज़ाओं पर किसी भी प्रकार के कदाचार या अनुशासनहीनता के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति अपनाता है।

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