सेमीकंडक्टर निवेश को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन, पीलीभीत से वाराणसी तक विकास योजनाओं पर कैबिनेट की मुहर

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने वाले कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। राज्य सरकार की जनवरी 2024 में लागू सेमीकंडक्टर नीति के तहत बड़े निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से ₹3,000 करोड़ या उससे अधिक के निवेश पर विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया है।
प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में कुल 14 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 13 को स्वीकृति प्रदान की गई।
उन्होंने बताया कि अमेरिका, यूरोप, जापान और ताइवान जैसे देशों में सेमीकंडक्टर निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहा है और अब उत्तर प्रदेश को इस उभरते उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में योगी सरकार ने केस-टू-केस आधार पर विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है। इसके तहत सेमीकंडक्टर इकाइयों को ब्याज सब्सिडी, कर्मचारी लागत की प्रतिपूर्ति, 10 वर्षों तक नेट एसजीएसटी में छूट, उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों के लिए 100 प्रतिशत ईपीएफ प्रतिपूर्ति (अधिकतम ₹2,000 प्रतिमाह), जल मूल्य में छूट तथा 10 वर्षों तक प्रति यूनिट ₹2 बिजली दर में छूट प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस नीति का उद्देश्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर सृजित करना है।
पीलीभीत में बनेगा आधुनिक बस स्टेशन
कैबिनेट बैठक में पीलीभीत के टनकपुर रोड स्थित मुख्यालय के पास एक आधुनिक बस स्टेशन के निर्माण को मंजूरी दी गई है। यह बस स्टेशन राजस्व विभाग की 1.317 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जाएगा, जिसे राज्य सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को 30 वर्षों की लीज पर दिया जाएगा, जिसे आगे 90 वर्षों तक बढ़ाया जा सकेगा। इस बस स्टेशन के निर्माण से उत्तराखंड और नेपाल जाने वाले यात्रियों को विशेष सुविधा मिलेगी। निर्माण कार्य दो वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
वाराणसी में बनेगा 500 बेड का मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल
कैबिनेट ने शिव प्रसाद गुप्ता एसएसपीजी मंडलीय जिला चिकित्सालय, वाराणसी परिसर में स्थित 11 जर्जर एवं अनुपयोगी भवनों को ध्वस्त कर 500 शैय्या वाले मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण को मंजूरी दी है। यह अस्पताल 315 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से बनेगा, जिसका निर्माण कार्य चार वर्षों में पूर्ण किया जाएगा। परियोजना की 60 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। इससे पूर्वांचल क्षेत्र के मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
खेल विभाग में भर्ती नियमों में संशोधन
कैबिनेट ने खेल विभाग में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया में संशोधन को स्वीकृति दी है। विभाग में कुल 18 पद स्वीकृत हैं। अब दो-तिहाई पद पदोन्नति के माध्यम से और एक-तिहाई पद अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों (ओलंपिक, एशियन एवं कॉमनवेल्थ गेम्स) से भरे जाएंगे। इस निर्णय से अनुभवी अधिकारियों के साथ-साथ उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भी अवसर मिलेगा।
कानपुर में 37वीं वाहिनी पीएसी के नए आवास
कैबिनेट ने कानपुर स्थित 37वीं वाहिनी पीएसी के पुराने एवं जर्जर आवासीय भवनों को ध्वस्त करने और उनके स्थान पर टाइप-वन स्पेशल के 108 नए आवासों के निर्माण को मंजूरी दी है। इससे पीएसी जवानों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
वाराणसी में खुलेगा नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का ऑफ-कैंपस
कैबिनेट ने नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, गांधीनगर (गुजरात) के वाराणसी में ऑफ-कैंपस की स्थापना के लिए 50 एकड़ भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। यह भूमि तहसील राजा तालाब क्षेत्र में स्थित है, जिसे पशुधन विभाग से 99 वर्षों की लीज पर विश्वविद्यालय को दी जाएगी। इस कैंपस की स्थापना से फॉरेंसिक साइंस, साइबर अपराध और आपराधिक जांच के क्षेत्र में प्रदेश को शैक्षणिक और तकनीकी मजबूती मिलेगी।

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