*राममंदिर प्रांगण में लगे राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव राजभर की भव्य प्रतिमा* *सुहेलदेव पार्टी की राज्य सरकार से मांग*

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लखनऊ, 19 जनवरी। श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर बन जाने से पूरा भारत खुश होकर उत्सव मना रहा है। राजभर समाज भी अयोध्या धाम में मंदिर बनने से खुशी के साथ साथ अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा है और राममंदिर प्रांगण में राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव राजभर की भव्य प्रतिमा लगाने कि मांग कर रहा है।
पार्टी अध्यक्ष संतलाल राजभर ने मूर्ति लगाने की मांग करते हुए बताया कि सैयद सालार मसूद गाज़ी भारत में तमाम हिन्दू मंदिरों को तोड़ता लूटता हुआ हिन्दू आबादी को तहस नहस करते हुये आगे बढ़ते जा रहा था। इसी बीच गाज़ी राम मंदिर को तोड़कर लूटते हुये आगे बढ़ा, जहां उसकी मुलाकात हिन्दू धर्म रक्षक महाप्रतापी सम्राट राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव राजभर से हो गयी। सुहेलदेव ने अपनी छोटी सी सेना और 21 सामंत राजाओं को साथ लेकर गाज़ी की एक लाख 20 हजार सेना को मारकर हिंदू धर्म की रक्षा की।
एतिहासिक तथ्य हैं कि सुहेलदेव राजभर के पुत्र अल्हड़देव राजभर के पुत्र नयेचंद्र आयुषचंद्र व कृष्णचंद्र राजभर हुये। सबसे बड़े नयेचंद्र थे, इसलिये राजा वही बनाए गये। राममंदिर का निर्माण 1112 ईसवीं में सुहेलदेव के पौत्र नयेचंद्र ने करवाया था। उन्होंने बताया कि इसका प्रमाण सन् 1992 में बाबरी ढांचा विध्वंस में खुदाई के दौरान मिला ताम्रपत्र करता है। इस ताम्रपत्र का पाठन पुरातत्व विद्वानों ने किया है।आज भी वह ताम्रपत्र सरकारी संग्रहालय में सुरक्षित रखा है।
सुहेलदेव पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं समाज के बुद्धजीवियों सामाजिक संगठनों से बात विचार करके सुहेलदेव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतलाल राजभर ने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव राजभर जी की भव्य प्रतिमा राममंदिर प्रांगण में लगवाने की मांग सरकार से रखी हैं।

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